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अब तक कराए 490 विवाह, दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए शुरू की थी पहल

8 वर्ष पहले
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फरीदाबाद. जरूरी नहीं कि जब आपके पास अधिक धन हो तब ही समाजसेवा की जाए। इरादा नेक और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति संवेदनशील हैं तो सामूहिक प्रयास से समाज को बेहतर दे सकते हैं। ऐसे कई सामाजिक कार्यकर्ता हैं। जिन्होंने मेहनत और जज्बा से समाज में सार्थक करने का प्रयास किया है। इनमें से एक हैं पंडित जयप्रकाश जैमिनी।

जैमिनी ने समाज में दहेज प्रथा को समाप्त करने का बीड़ा उठाया था। इसके साथ वे लड़कियों को बेहतर शिक्षा, सामाजिक कुरीतियों का खात्मा, विकलांगों की सहायता और भारत की सभ्यता और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं। बिना दहेज लड़कियों की शादी करने की मुहिम में जब युवा थे तो जुड़ गए। जयपुर राजस्थान से शुरू हुआ यह सिलसिला कलपुर्जो की नगरी में परवान चढ़ रहा है। वर्तमान में जैमिनी श्री आदि गौड़ ब्राrाण समाज के प्रधान हैं। वे कहते हैं कि अकेला कुछ भी संभव नहीं है।

दहेज जैसी कुरीति खत्म करना है लक्ष्य

जैमिनी कहते हैं कि तमाम प्रयास के बाद समाज में दहेज सुरसा दैत्य की तरह बढ़ता जा रहा है। एक शादी में शानो-शौकत दिखाने के लिए करोड़ रुपए खर्च कर दिए जाते हैं। इस राशि से सैकड़ों घर बस सकते हैं। साथ ही युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराने में मदद दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में बड़े घराने के बच्चों ने भी सामूहिक शादी कर उदाहरण पेश किया है। इस तरह का प्रयास शिक्षित समाज को करना चाहिए। इसके लिए सभी को जागरूक करने की जरूरत है।