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उद्यमियों को मेक इन इंडिया की झलक दिखने की उम्मीद

7 वर्ष पहले
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फरीदाबाद। कलपुर्जों की नगरी ऑटो कंपोनेंट हब के उद्यमी आम बजट को लेकर खासे उत्साहित हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्यूफैक्चरिंग व ऑटो सेक्टर पर फोकस किया गया तो फिर बल्ले-बल्ले जरूर होगा। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए भी होगा। ऐसे में उद्यमियों को उम्मीद है कि मेक इन इंडिया की झलक इस बजट में देखने को मिलेगी।

चीन से आयातित वस्तुओं पर लगे अधिक टैक्स: प्रमुख औद्योगिक संगठन फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, लघु उद्योग भारती, डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, न्यू डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों ने सरकार का ध्यान बजट को लघु और मझोले उद्योग को प्रोत्साहित करने की ओर दिलाया है। बटन, फुटवियर, कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं, केमिकल, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम से संबंधित चाइनीज प्रोडक्ट की बाजार में भरमार है। इससे संबंधित उद्योगों पर खड़ा मंडरा रहा है। ऐसे में उद्यमी चीन से आयात शुल्क में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

चाइना ने कई प्रोडक्ट सस्ते होने की वजह से लघु उद्योगों पर संकट मंडरा रहा है। इससे कई उद्योग बंद होने के कगार पर हैं। एक सुर में सभी औद्योगिक संगठनों ने उद्यमियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने की मांग की है। जिससे आसानी से लोन से लेकर उद्योग लगाने तक सभी कार्य आसानी से हो जाए। उद्यमी इस तरह की घोषणा की उम्मीद कर रहे हैं।

'लघु उद्यमी रोज कमाने खाने वाले हैं। ऐसे में जरूरी है कि उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। एक्साइज ड्यूटी सहित अन्य पर ध्यान देना होगा। ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को बढ़ावा देने की जरूरत है। इससे बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा।' जेपी मल्होत्रा, प्रेसीडेंट, डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
ये हैं मांगें
>सभी तरह की टैक्स की जगह एक टैक्स का हो प्रावधान
>भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ई-पेमेंट की हो व्यवस्था
> पॉल्यूशन और अन्य कार्यों के लिए निर्धारित हो समय
> एनओसी और अन्य कार्यों के लिए निर्धारित समय का हो पालन
> हर हाल में लागू हो गुड्स सर्विस टैक्स
> जीएसटी नहीं लागू होने पर एक समान हो सभी राज्यों में वैट
>एक्साइज ड्यूटी में हो बढ़ोतरी
>लेबर लॉ, मिनिमम वेज आदि पर हो ध्यान