फरीदाबाद। विधानसभा चुनाव को देखते हुए कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स व प्रोफेशनल्स यूथ की मांग बढ़ गई है। इन्हें 15 से 30 दिनों के लिए बेहतर पैकेज पर विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार वॉलंटियर्स के लिए रख रहे हैं। इसके लिए प्लेसमेंट एजेंसियों की मदद ली जा रही है। चुनाव में काम कर चुके युवाओं को तरजीह दी जा रही है। इन दिनों नेताजी चुनावी प्रबंधन के साथ चुनाव प्रचार के साथ कार्यालयों की देखभाल तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के चयन में भी मशगूल हैं। कार्यकर्ताओं से मिलते समय भी कंप्यूटर टाइपिंग से लेकर इंटरनेट एक्सेस करने वालों को भेजने की गुजारिश करते सभी दिख जाते हैं।
एक हजार युवाओं की है जरूरत
जिले में बड़खल, बल्लभगढ़, तिगांव, फरीदाबाद शहरी, एनआईटी सीटें हैं। प्लेसमेंट एजेंसियों की मानें तो करीब एक हजार इन विधानसभा क्षेत्रों में वॉलंटियर्स की जरूरत है। लोकसभा चुनाव में भी एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा चुनाव में लगे थे।
सर्वे से लेकर वे पार्टी की नीतियों को मतदाता तक पहुंचाने में लगे थे। तेजी से बदलते ट्रेंड में इनकी मांग काफी बढ़ गई है। एक समय में पैसा अधिक मिलने से इस काम में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ रही है।
^चुनाव के समय पर पार्टी के उम्मीदवार संपर्क साधते हैं। वॉलंटियर्स के रूप में युवाओं की डिमांड अधिक होती है। भाजपा, कांग्रेस, इनेलो सहित सभी पार्टियों ने प्रोफेशनल्स युवाओं की मांग की है। सबसे अधिक मांग कंप्यूटर में एक्सपर्ट की है।
दीपक दूबे, एसटेक एजेंसी
प्रतिदिन 500 से 700 रुपए मिलता है मेहनताना
युवाओं को प्रतिदिन 500 से 700 रुपए मेहनताना मिलता है। यह राशि अधिक भी हो सकती है। पार्टियां चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए छात्र संगठनों की मदद ले रही हैं। भीड़ जुटाने में इनकी भूमिका अहम होती है। ऐसे में छात्र संगठनों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। युवाओं से संपर्क साधने का सिलसिला शुरू हो गया है। संगठनों को एजेंडा भी दिया जा रहा है।
बदमाशों पर पैनी नजर, तैयार हो रहा रिकॉर्ड
विधानसभा चुनाव में बदमाश किसी तरह की गड़बड़ी न करें, इसके लिए पुलिस ने जिले में सक्रिय अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने बेल जंपर, अवैध रूप से शराब की तस्करी करने वालों व सरेआम शराब पीने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर सभी थानों में सक्रिय बदमाशों का रिकाॅर्ड तैयार हो रहा है। साथ ही जेल में बंद बदमाशों व गिरोह के बारे में पुलिस ने जेल प्रशासन से भी संपर्क किया है।
गड़बड़ी फैलाने वालों पर नजर
प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो गई है। 15 अक्टूबर को चुनाव है। ऐसे में कोई गड़बड़ी न हो इसलिए जिला पुलिस सुरक्षा को लेकर सतर्क है। चुनाव के दौरान जो अपराधी किसी तरह की गड़बड़ी फैला सकते हैं, उन पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में है। सभी थाना प्रबंधक अपने क्षेत्र में सक्रिय गिरोह के बारे में भी ब्योरा जुटा रहे हैं।
जेल प्रशासन से भी संपर्क
थाना क्षेत्रों के अलावा पुलिस नीमका जेल में बंद पेशेवर अपराधियों का भी पूरा रिकाॅर्ड तैयार कर रही है। जेल में बंद अपराधी का किस गिरोह से संबंध है। उसके बाकी साथी जेल में हैं या बाहर। यदि बाहर हैं तो कहां हैं और आजकल वे किन गतिविधियाें में लिप्त हैं। जेल में बंद अपराधियों से कौन-कौन मिलने आता है। इसके बारे में भी बारीकी से जानकारी जुटाई जा रही है।
608 पीओ तथा 5863 बेल जंपर्स
पुलिस आयुक्त अरशिन्दर सिंह चावला ने पीओ व बेल जंपर्स को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की है। इसमें 12 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। पीओ व बेल जंपर्स को पकड़ने के लिए उपनिरीक्षक जुगलाल क्रिमिनल रिकॉर्ड आफिसर के अनुसार फरीदाबाद में कुल 608 पीओ तथा 5863 बेल जंपर्स हैं। ये क्राइम कर सजा से बचने के लिए हरियाणा व दूसरे स्टेट में छिपे हैं। इनमें से 82 पीओ व 430 बेल जंपर्स को टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
बाउंसरों व पहलवानों पर भी नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चुनाव के दौरान अक्सर पहलवानों व बाउंसरों की सक्रियता बढ़ जाती है। नेताओं व प्रत्याशियों के साथ बाउंसर के तौर पर चलने वाले पहलवान अक्सर दूसरे जिलों और राज्यों से बुलाए जाते हैं। ऐसे में यदि वे यहां कोई वारदात कर चले जाएं, तो उनके बारे में कुछ पता नहीं चलता है। प्रदेश भर में इनका पूरा रिकाॅर्ड तैयार कराया जा रहा है।
क्या कहते हैं पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर अरशिन्दर सिंह चावला के अनुसार पुलिस ने चुनाव के लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए अपराधियों पर पुलिस नकेल कस रही है। भगोड़े अथवा बेल जंपर्स अपराधियों की धरपकड़ की जा रही है। अपराधियों का पूरा रिकाॅर्ड भी तैयार किया जा रहा है।