फरीदाबाद। भाजपा छोड़ने वाले प्रवेश मेहता और चंदर भाटिया को इनेलो ने मंगलवार को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतार दिया है। मेहता फरीदाबाद शहरी और भाटिया बड़खल क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। इनके नामों की घोषणा मंगलवार को इनेलो की जारी अंतिम सूची में वरिष्ठ नेता और विधायक अभय सिंह चौटाला ने की। पंजाबी समाज के इन दोनों कद्दावर नेताओं के चुनावी मैदान में आने से फरीदाबाद शहरी और बड़खल विधानसभा क्षेत्र में अब तगड़े मुकाबले के आसार बन गए हैं। इनके इनेलो में जाने से भाजपा का काफी वोट प्रभावित हुआ है। क्योंकि इन दोनों की भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिनती होती थी। इनके इनेलो में शामिल होने से अब दोनों विधानसभा क्षेत्र के चुनावी गणित पर असर पड़ेगा।
भाजपा द्वारा बड़खल विधानसभा क्षेत्र से सीमा त्रिखा और फरीदाबाद क्षेत्र से विपुल गोयल को प्रत्याशी बनाने के बाद चंदर भाटिया व प्रवेश मेहता ने विरोधी तेवर अख्तियार कर लिए थे। इसके बाद इन दोनों से ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला ने संपर्क साधकर इनेलो में आने का न्यौता दिया था। इसके बाद दोनों ने औपचारिक तौर पर इनेलो में शामिल होने की घोषणा भी कर दी थी। सोमवार को फरीदाबाद आए चौटाला ने इन दोनों को टिकट देने के नाम पर कोर कमेटी में चर्चा करने का आश्वासन दिया था। मंगलवार को इनेलो ने इन दोनों के नामों की घोषणा कर दी। फरीदाबाद से प्रवेश मेहता व बड़खल सेे चंदर भाटिया को चुनावी मैदान में उतारकर इनेलो ने पंजाबी कार्ड खेल दिया है। दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में भारी संख्या में पंजाबी वोटर हैं।
प्रवेश मेहता के जाने से असर
भाजपा की टिकट पर 2009 में फरीदाबाद शहर से चुनाव लड़ चुके प्रवेश मेहता के कमल छोड़ने और इनेलो का चश्मा पहनने से यहां के चुनावी समीकरण काफी बदल गए हैं। मेहता के जाने से भाजपा पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। क्योंकि मेहता की इस क्षेत्र में पंजाबी समाज के साथ ही भाजपा में भी अच्छी पकड़ थी। साफ छवि के कारण बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मेहता के कारण भाजपा से जुड़े थे। यही कारण रहा कि जब मेहता ने भाजपा छोड़ी तो करीब तीन सौ से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी छोड़ इनेलो का दामन थाम लिया। ऐसे में अब यहां भाजपा, कांग्रेस और इनेलो की कड़ी टक्कर होने के आसार बन गए हैं। पिछली बार विधानसभा चुनाव में मेहता ने 22903 वोट लेकर कांग्रेस कैंडीडेट आनंद कौशिक को कड़ी टक्कर दी थी।