फरीदाबाद। पंजाबी समुदाय के वोट बैंक को अपने प्रभाव में लेने के लिए इनेलो फरीदाबाद जिले की दो विधानसभा सीटें समझौते में अकाली दल बादल को दे सकती है। पंजाबी समुदाय के अच्छे खासे वोट बैंक वाली इन सीटों पर इनेलो का अपना कोई खास प्रभाव नहीं है। अकाली दल का प्रभाव पंजाबी समुदाय में है। ऐसे में इंतजार भाजपा व कांग्रेस की लिस्ट का है। बड़खल व फरीदाबाद विधानसभा सीटों पर वंचित रहने वाले दो पंजाबी नेताओं को अकाली-इनेलो गठबंधन टिकट दे सकता है।
इनेलो के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार इनेलो का गणित यह है कि पंजाबी व सिख समुदाय उसकी बजाय अकाली दल की तरफ साफ्ट कार्नर रखता है। ऐसे में अकाली दल को अगर इनेलो तीन सीटें दे देती है तो अकाली दल के साथ उसे भी अन्य सीटों पर पंजाबी वोट अधिक संख्या में मिलने की उम्मीद है। फरीदाबाद जिले की बड़खल सीट पर भाजपा के एक दिग्गज नेता से लगभग बात फाइनल हो चुकी है। यह नेता 21 सितंबर को भाजपा को छोड़ने व इनेलो में जाने की घोषणा कर सकते हैं।
इसी दिन इनका टिकट भी फाइनल हो जाएगा। इस सीट पर 50 हजार से अधिक पंजाबी वोटर है। वही फरीदाबाद सीट पर भी 45 हजार के करीब पंजाबी वोटर है। फरीदाबाद सीट पर इंतजार भाजपा की लिस्ट का है। यहां घमासान मचा हुआ है। फरीदाबाद के सांसद के करीबी वेश्य वर्ग के एक नेता को टिकट मिलने की संभावना देखते हुए यहां से पिछला चुनाव लड़े प्रवेश मेहता ने तो सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री के घर पर प्रदर्शन भी कर डाला था। ऐसे में यहां भी इनेलो को उम्मीद है कि भाजपा से टूटकर कोई मजबूत नेता उनके पाले में आ सकता है।
इधर इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता राजीव जेटली से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों के कई नेता उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। पार्टी अालाकमान जीत की संभावना वाले उम्मीदवार का टिकट देगा। अकाली दल के साथ गठबंधन व सीटें देने के मामले में जेटली का कहना था कि आलाकमान की हरियाणा में अकाली दल को कुछ सीटें देने की बात चल रही है। अभी यह फाइनल नहीं है कि वो सीटें काैन सी होंगी।
वीरेंद्र सिंह राजनीति छोड़कर अब घर बैठ जाएं : दुष्यंत चौटाला
इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए चौ. वीरेंद्र सिंह को सोमवार को मंच से खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा यदि इन दोनों में दम हो तो उचाना से इनेलो के खिलाफ आकर चुनाव लड़ें। दोनों हमारे प्रत्याशी के सामने टिक नहीं पाएंगे। चौटाला ने यह भी कहा अगर दोनों नेता चुनौती स्वीकार करने का दमखम रखते हैं तो किसी भी खुले मंच पर आकर अपने दावे पेश करें। उन्हें ऐसा जवाब मिलेगा कि उन्हें अपनी राजनीतिक हैसियत का अंदाजा लग जाएगा। दुष्यंत ने सलाह देते हुए कहा कि वीरेंद्र सिंह का राजनीतिक जीवन खत्म हो गया है।
अब उन्हें घर बैठ जाना चाहिए। दुष्यंत ने यह भी कहा कि सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर अंदरूनी तौर पर इनेलो से अपना मुकाबला करना चाह रहे हैं। आज इन दलों की मजबूरी है कि इन्हें अघोषित गठबंधन कर हरियाणा प्रदेश में चुनाव लड़ना पड़ रहा है। चौटाला सोमवार को बड़खल, फरीदाबाद शहरी, तिगांव व एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने फरीदाबाद की स्थिति पर कहा कि हालात ऐसे हो चुके हैं कि शासन और प्रशासन दोनों के पास जनता की सुध लेने का समय नहीं है।
चौटाला ने कहा इसका जीता जागता यह सबूत है कि फरीदाबाद के लघु सचिवालय पर अपनी सुनवाई न होने के चलते सोमवार को एक व्यक्ति को खुद को ही गोली मारनी पड़ गई। इस दौरान चौटाला ने 25 सितम्बर को देश के उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के जन्मदिन पर जींद में होने वाली जनसभा को लेकर आमंत्रण देते हुए कहा इसमें पहुंचने वाली भीड़ हरियाणा की राजनीति में परिवर्तन लाएगी। इस मौके पर तिगांव से इनेलो प्रत्याशी अरविंद भारद्वाज, एनआईटी से कैंडीडेट नगेन्द्र भड़ाना, विकास चौधरी, इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता राजीव जेटली, आरके चिलाना सहित अन्य लोग मौजूद थे।