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पिता ने कहा, मनीष की हुई है हत्या, छात्र की संदिग्ध हालत में मौत

8 वर्ष पहले
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फरीदाबाद. एनआईटी जोन में नियुक्त असिस्टेंट फूड एंड सप्लाई ऑफिसर के बेटे (21) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पिता ने बुधवार को कहा कि मेरा बेटा सुसाइड नहीं कर सकता। उन्होंने घटना को लेकर पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए। कहा मेरे बेटे की हत्या हुई है।छात्र के परिजन एसएचओ से भी मिले।

ये सवाल उठाए : छात्र मनीष के पिता सुभाष चंद ने बताया कि मनीष खुशमिजाज था। पैसे भी जरूरत के अपने पास रखता था, बाकी अपनी मां को देता था।घटना वाले दिन रविवार को मनीष काफी खुश था। अपनी बहन के तय हुए रिश्ते में पूरी तैयारी की थी। वह कहते हैं कि यदि कोई सुसाइड करता है तो वह कनपटी पर रिवाल्वर या तमंचे को रखता है लेकिन मनीष के माथे में गोली लगी थी।

मनीष जिस हिसाब से पलंग पर लेटा था, वह बिल्कुल सहज स्थिति है। ऐसी स्थिति में कोई भी युवक सुसाइड नहीं कर सकता। पैरों के ऊपर तकिया ठीक तरीके से रखा था।तमंचा पलंग से काफी दूर पड़ा था। इस पर खून की छींटे भी नहीं थीं। यदि मनीष सुसाइड करता तो तमंचा पलंग से इतनी दूर नहीं गिरता। छत पर सोते समय मनीष ईयरफोन लगाकर गाने सुन रहा था।हालात देख लगता है कि सोते समय ही किसी ने उसे गोली मार दी है। बताया कि घर की एक तरफ से छत पर चढ़ा जा सकता है।

पूरी संभावना है कि कोई बदमाश छत पर चढ़ा और उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। सुभाष चंद ने पुलिस से मांग की है कि वह मनीष के फोन की कॉल डिटेल निकाले और पता लगाए कि वह किससे बात कर रहा था। उधर, एसएचओ राव नरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी इस मामले को सुसाइड करार नहीं दिया गया है।जांच की जा रही है। कॉल डिटेल से पता लगेगा कि मनीष की किससे बात हुई।

तीन दिन से नहीं सोई मां

मनीष के पिता सुभाष चंद ने कहा कि तीन दिन से मनीष की मां सोई नहीं है। मंगलवार रात नींद की गोलियां देकर उसे सुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही वह जाग गई। बार-बार यही कहती कि मनीष दरवाजे पर खड़ा होकर बुला रहा है।सुभाष बार-बार बेटे को याद कर रोते हैं।बताते चलें कि सेक्टर-18 के मकान नंबर 269 में सुभाष चंद के बेटे मनीष की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। मनीष का शव घर की छत पर पलंग पर पड़ा मिला था।