फरीदाबाद। अवैध निर्माण को लेकर जेब भरने वाले सरकारी महकमों में हादसा होने के बाद लापरवाही किस कदर बढ़ रही है। इसका एक उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला। सरूरपुर एरिया में लेंटर हादसे के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। लेंटर हादसे के बाद नगर निगम के एसटीपी व डीटीपीई दोनों ही घटनास्थल को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बता रहे हैं। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि इस इलाके पर निगरानी किसकी है।
डीटीपीई का क्या कहना है: डीटीपीई धर्मबीर खत्री का कहना है कि सरूरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में बगैर परमिशन निर्माण नहीं हो सकता। यह इलाका उनके पास नहीं है। यह कंट्रोल क्षेत्र में आता है और नगर निगम इसकी देखरेख करता है। इसलिए यदि यहां कोई अवैध निर्माण होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। अब निगम के अधिकारी बेवजह ही पल्ला झाड़ रहे हैं। उनकी इस इलाके में कोई जिम्मेदारी नहीं है और न ही वह कार्रवाई कर सकते हैं। इस बारे में हाईकोर्ट ने आदेश दिए हुए हैं। इसकी कॉपी भी उनके पास है।
नगर निगम के एसटीपी रवि सिंगला
का कहना है कि डीटीपीई को पूरी जानकारी नहीं है। घटनास्थल एमसीएफ लिमिट से बाहर है।
इसलिए वह वहां कार्रवाई नहीं
कर सकते। यह इलाका डीटीपीई के कार्यवाही क्षेत्र में आता है। अब वह बेवजह ही पल्ला झाड़ रहे हैं। डीटीपीई को शायद ज्ञान नहीं है। वह उनके दफ्तर में आकर इस इलाके के कागजात देख सकते हैं।