(सेक्टर-21 ए स्थित एशियन अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते मृतक के परिजन)
फरीदाबाद। सेक्टर-21 स्थित एशियन अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई को आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
भुआपुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने आठ दिसंबर को अपनी मां की तबीयत खराब होने पर उन्हें सेक्टर-21 स्थित एशियन अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उन्हें टाइफाइड बताया था। डॉक्टर ने प्लेटलेट कम बताई थी। उन्हें प्लेटलेट चढ़ाई गई। नरेंद्र ने बताया कि मंगलवार को डॉक्टर ने बताया कि सब कुछ नार्मल है। लेकिन सुबह 9 बजे उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। आरोप है डॉक्टरों ने तब भी सब नॉर्मल बताया। इसके कुछ देर
बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रख दिया। आरोप है कि उनकी मां की तबीयत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी। जब परिवार वालों ने शोर मचाना शुरू किया तो रात करीब 9 बजे उन्हें बताया गया कि उनकी मां की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। बुधवार को भी मृतक के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती। क्योंकि सुबह तक सबकुछ नार्मल बता रहे थे, लेकिन रात को अचानक ऐसा क्या हुआ जिससे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-21 ए पुलिस के अनुसार मामले की शिकायत मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल भेज दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहना है अस्पताल का
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हिलाल अहमद ने कहा कि पेशेंट को पीलिया, बुखार, अस्थमा व लीवर फेलियर की शिकायत के साथ इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल जांच के बाद मरीज के परिजनों को इस बारे में लिखित रूप से सूचित कर दिया गया था। भर्ती के समय मरीज के प्लेटलेट्स भी 25 हजार थे। जो नार्मल संख्या ढाई लाख से काफी कम थे। मरीज की हालत देखते हुए 9 दिसंबर दोपहर 12 बजे डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती कर उचित दवाइयां दीं। लेकिन तबीयत लगातार बिगड़ने से रात करीब 8.45 बजे मरीज की मौत हो गई। अस्पताल ने मरीज के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंप दिया।