एेसा कह वह मुझे ही नहीं परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री को भी ललकार रहे हैं। राठौर ने कहा, वह बल्लभगढ़ से चुनाव नहीं लड़ेंगी, लेकिन वह पार्टी में ही रहेंगी। प्रदेशाध्यक्ष को चैलेंज करते हुए राठौर ने कहा कि वह कांग्रेस से किसी को भी बल्लभगढ़ सीट पर टिकट देकर चुनाव लड़ा लें और अपनी पूरी ताकत लगा लें। यदि वह जीत जाएगा तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगी।
प्रदेशाध्यक्ष तंवर पार्टी को तोड़ रहे हैं
शारदा राठौर ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी को तोड़ने का कार्य कर रहे हैं। वे लगातार मेरे खिलाफ बयानबाजी कर अपने पद की गरिमा को गिरा रहे हैं। बकौल, शारदा मैं 25 वर्षों से राजनीति में हूं, मैंने किसी प्रदेशाध्यक्ष को ऐसी अनर्गल और गैरजिम्मेदार बयानबाजी करते नहीं देखा। सीएम भी प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। लेकिन उन्होंने अपने विरोधियों के खिलाफ भी कभी कोई गैरजिम्मेदार बयानबाजी नहीं की।
मानसिक रूप से चोट पहुंचा रहे हैं तंवर
शारदा राठौर ने कहा कि मैंने अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की नौकरियों में अनदेखी की वजह से कांग्रेस पार्टी को छोडऩे का मन बनाया था। लेकिन रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मेरा और मेरे कार्यकर्ताओं का सम्मान कायम करने का वादा कर मुझे मेरे फैसले पर पुन: विचार करने के लिए कहा था। उन्होंने बड़प्पन दिखाते हुए मेरे बल्लभगढ़ स्थित कार्यालय आकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा और पार्टी को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने मुझे बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ाने और हर संभव मदद देने का वादा किया। इसके बाद मेरी पार्टी से नाराजगी दूर हो गई थी। लेकिन अब तंवर अनावश् यक बातें कर मुझे मानसिक रूप से चोट पहुंच रहे हैं।
संगठन को खत्म करने का काम किया
शारदा राठौर ने कहा कि चुनाव के समय पार्टी नेताओं को संगठन को मजबूत करने की बात करनी चाहिए पर पार्टी अध्यक्ष अपने बयानों से पार्टी में फूट डालने का काम कर रहे हैं। पहले उन्होंने जिलाध्यक्षों व ब्लॉक अध्यक्षों को हटाकर संगठन को खत्म कर दिया और अब अपने बयानों से पार्टी को गर्त में पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरे संयम का बांध तब टूटा जब उन्होंने मुझे घमंडी कहा। उन्हें मेरी निजता व मेरे व्यवहार पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। वे मुझसे व्यक्तिगत दुश्मनी निकाल रहे हैं।
पर्दे के पीछे सौदेबाजी
शारदा राठौर ने कहा ऐसा तभी होता है जब किसी से निजी दुश्मनी हो या पर्दे के पीछे किसी से कोई सौदेबाजी हुई हो। निजी दुश्मनी मेरी कोई उनसे है नहीं, सौदेबाजी के बारे में वह स्वयं बता सकते हैं। ऐसे नेताओं की वजह से ही पार्टी रसातल में पहुंच गई है। प्रदेशाध्यक्ष ही मेरे विरोधियों को उकसा रहे हैं और लोगों को मेरा विरोध करने के लिए बुला रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने यहां तक कहा कि मैंने उनका फाेन नहीं उठाया। मैं हैरान हूं उनकी मानसिकता पर। सच यह है कि उन्होंने मुझे कभी कोई फोन नहीं किया। मेरे बारे में कुछ भी कहने से पहले वह लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार के बारे में मंथन करें। जिसमें वे स्वयं भी बुरी तरह चुनाव हारे हैं। यही हाल रहा तो भविष्य में भी कभी चुनाव नहीं जीतेंगे।
सबको पता है कौन पार्टी को खोखला कर रहा
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि यह सबको मालूम है कि कौन पार्टी को खोखला कर रहा है, और कौन नहीं। वह पार्टी के प्रति निष्ठावान हैं। पार्टी के हित के लिए काम कर रहे हैं।
सीएम को भी दे रहे हैं चुनौती
शारदा राठौर ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष, मुख्यमंत्री के साथ भी अपने वैचारिक मतभेदों को सार्वजनिक कर रहे हैं। उन्हें भी परोक्ष रूप से चुनौती दे रहे हैं। शारदा ने कहा कि उन्हें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि प्रदेशाध्यक्ष कमजोर उम्मीदवारों को चुनाव लड़वा कर पार्टी की हार सुनिश्चित कर रहे हैं। जिससे हार का ठीकरा मुख्यमंत्री के सिर फूटे और प्रदेशाध्यक्ष को भविष्य में अपनी राजनीति चमकाने का मौका मिले।
(फोटो- राजनीति का दर्द- मुख्य संसदीय सचिव और बल्लभगढ़ की विधायक शारदा राठौर पत्रकार वार्ता के दौरान इतना भावुक हो गईं कि अपने आंसू नहीं रोक पाईं।)