एमडी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग: नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के एमडी डॉ. राकेश गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसमें जिला प्रशासन की ओर से सीएमओ समेत प्रोग्राम आफिसर मौजूद थे। एमडी ने गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। खासतौर पर हाई रिस्की प्रेग्नेंसी मामलों को लेकर उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ऐसे मामलों को लेकर जिला स्तर पर ठोस तैयारी हो। जिससे इस तरह के मामलों को दिल्ली या पीजीआई रोहतक रेफर न करना पड़े। इसके लिए अस्पताल में अलग इस तरह के मामलों के लिए स्पेशल यूनिट बनाई जाए।
इनके लिए बने स्पेशल यूनिट: अभी तक जिला अस्पताल में हाई रिस्की प्रेग्नेंसी केस में महिला को सीधे रेफर कर दिया जाता है। इस तरह के मामलों के लिए अस्पताल में कोई बेहतर सुविधा नहीं है। कई बार तो इस तरह के मामलों में गर्भवती को रेफर करने पर रास्ते में ही मौत हो जाती है। इस तरह की मौत को होने से रोका जा सकता है। यदि अस्पताल में ही गर्भवती को सही समय पर भर्ती कर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाए। लेकिन अभी तक सीरियस केस में अस्पताल के डॉक्टर अधिक रिस्क न लेते हुए उसे आगे रेफर कर देते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ऐसे मामलों के लिए अलग से बीके में स्पेशल यूनिट बनाई जाएगी। इसमें सीधे गर्भवती काे भर्ती किया जाएगा। उसका वहीं रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं ब्लड की व्यवस्था कराई जाएगी। साथ ही अन्य जांच भी वहीं उपलब्ध होंगी। इस यूनिट में भर्ती होते ही गर्भवती महिला का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए अस्पताल में जगह तलाश की जा रही है। जहां इस यूनिट काे शुरू कराया जा सके। उम्मीद है अगले माह इस सुविधा काे शुरू कर दिया जाएगा।
(बीके अस्पताल का भवन।)