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पुलिस ने बरामद की चोरी की 22 कारें

8 वर्ष पहले
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फरीदाबाद. वाहन चोरी कर पूरे एनसीआर में पुलिस के लिए सिरदर्द बने गिरोह के एक सदस्य को सीआईए बॉर्डर की टीम ने धर दबोचा। उसके कब्जे से चोरी की 22 कारें बरामद की गई हैं।
यह कारें एनसीआर के अलग-अलग जिलों से बरामद की गई हैं।पुलिस अब गिरोह के सरगना और बाकी सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।पुलिस ने सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से इसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कब हुआ था गिरफ्तार
4 मई को सीआईए बॉर्डर के इंचार्ज अनिल कुमार व सब इंस्पेक्टर संदीप को सूचना मिली कि सेक्टर-7 थाने के इलाके में एक व्यक्ति चोरी की गाड़ी के लिए घूम रहा है। पुलिस ने मौके पर रेड की और युवक को अरेस्ट कर लिया। आरोपी का नाम मेवात तिखाड़ा निवासी शाहिद पता लगा।
पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया।रिमांड के दौरान पूछताछ में शाहिद ने बताया कि उसने सेक्टर-4 में एक वर्कशॉप लगाई है।इसमें वह गाड़ियों की डेंटिंग-पेंटिंग करता था। उसने बताया कि अपने गिरोह के साथियों के साथ वह फरीदाबाद के अलावा गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव और दिल्ली से वाहनों की चोरी करता था।
गिरोह के सरगना नदीम और अन्य साथी फतेहपुर तगा निवासी इरफान के साथ मिलकर चोरी की गई गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बेच देता था। शाहिद को कोर्ट से इसके बाद अलग-अलग शहरों की पुलिस ने रिमांड पर लिया।
कबाड़ की गाड़ियों के नंबर
सीआईए बॉर्डर के इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि यह गिरोह गाड़ियां चोरी करने के बाद इनको कई दिनों के लिए किसी भी जगह पार्किग में खड़ा कर देते थे। इसके बाद गिरोह किसी भी एक्सीडेंट में कबाड़ हो चुकी गाड़ी को खरीद लेता था और इसकी आरसी, इंजन व चेसिस नंबर को चोरी की कार पर डाल देते थे।
इससे चोरी की कारें ओरिजनल हो जाती थीं। इसके बाद कारें बेच देते थे। शाहिद कई साल से कारें चोरी करता था लेकिन पुलिस के हत्थे पहली बार चढ़ा। गिरोह के सरगना नदीम को 2009 में पुलिस ने पकड़ लिया था। बाद में यह जमानत पर छूट गया।