सोनीपत. मां देखा! मैंने पिता जी का सपना पूरा कर दिया है, अब कोई गम नहीं। ये शब्द योगेश्वर दत्त ने काेरिया से अपनी मां के पास फोन करके कहे। अपने लाड़ले की बात सुन मां सुशीला देवी की आंखे नम हो गई और बेटे को आशीर्वाद दिया कि बेटा तुम यूं ही देश का नाम रोशन करते रहो। बता दें कि योगेश्वर दत्त के पिता राममेहर शर्मा का वर्ष 2006 में उस समय स्वर्गवास हो गया था, जब एशियन गेम्स शुरू होने में तीन दिन बचे थे। उनके पिता का सपना था कि योगेश्वर
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते। मुश्किल हालात में योगेश्वर ने 2006 में एशियाई खेलों में भाग भी लिया और कांस्य पदक जीता, लेकिन स्वर्ण पदक की एक कसक जो हर बार उसे कचोटती थी, उसे भी हमेशा के लिए आज दूर कर दिया।
मां ने बताया कि योगी को कोरिया में पौष्टिक आहार तक नहीं मिला, जिसकी उसे आवश्यकता थी। बिस्किट और ब्रेड खाकर उसे अपनी तैयारी करनी पड़ी, लेकिन इसका असर अपने बाहुबल पर नहीं पड़ने दिया भाई गजेंद्र दत्त ने बताया कि योगेश्वर दत्त की अब एक ही ख्वाहिश है कि विश्व सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में पदक जीतकर उसे पूरा कर दूं।
मां की हसरत : योगेश्वर की मां ने कहा कि मेडल जीते, यह अच्छी बात है। यह देश सेवा है। अब पढ़ी-लिखी लड़की से योगी की शादी हो जाए, बस यही हसरत है।
योगेश्वर ने कुश्ती में 28 साल बाद दिलाया गोल्ड
भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त ने रविवार को एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए भारत को कुश्ती में गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने ताजिकिस्तान के पहलवान जालिम खान को हराकर 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग का खिताब अपने नाम किया। इस गोल्ड के साथ भारत की झोली में अब तक 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 24 ब्रॉन्ज मेडल आ चुके हैं। इससे पहले एशियन गेम्स में करतार सिंह (जालंधर, पंजाब) ने 28 साल पहले 1986 में आखिरी बार देश के लिए कुश्ती में गोल्ड जीता था। हरियाणा में
सोनीपत जिले के भैंसवाल निवासी योगेश्वर का ताजिकिस्तान के पहलवान जालिम खान के साथ 65 किलो वर्ग में मुकाबला हुआ। योगेश्वर ने सेमीफाइनल में चीन के पहलवान यीरलैनबीक को आखिरी मिनट में धूल चटाकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। दोनों पहलवान एक-दूसरे को बराबर की टक्कर दे रहे थे। चीनी पहलवान के साथ मुकाबले में योगेश्वर 7-5 से पीछे चल रहे थे।
इस मुकाबले को देखने वाले दर्शकों को भी आखिरी मिनट तक किसी एक खिलाड़ी की जीत का पक्का यकीन नहीं था। वैसे भी सेमीफाइनल और फाइनल के बीच योगेश्वर को करीब घंटेभर ही आराम मिल सका था। योगेश्वर ने क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ कोरिया के पहलवान कांग जिनयॉक को 7-4 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। एक बार स्कोर 2-2 हो गया था, लेकिन योगेश्वर ने अपने अनुभव से आसानी से मुकाबला जीत लिया।
आगे की स्लाइड्स में देखें, पहलवान योगेश्वर के पर्सनल PICS...