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  • 100 कारें बनीं उत्पात का शिकार

देखते ही देखते मजदूरों ने तोड़ दीं 100 कारें और 10 में लगा दी आग

6 वर्ष पहले
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गुड़गांव। उद्योग विहार फेज-1 स्थित एक गारमेंट कंपनी के मजूदरों ने कंपनी में जमकर तोड़-फोड़ की। साथी कर्मचारी की मौत की अफवाह पर भड़के कंपनी के कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने इस कंपनी की सहयोगी 7 अन्य कंपनियों में भी तोड़-फोड़ की। उत्पात मचाने वालों ने 100 से अधिक कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। यही नहीं, उन्होंने 10 कारों को भी आग के हवाले कर दिया। दो कंपनियों में भी आग लगा दी।
उग्र कर्मचारियों को शांत कराने के लिए पुलिस दल मौके पर पहुंच गया। लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। बाद में दूसरे जिलों से पुलिस बल बुलाकर स्थिति नियंत्रित की गई। कर्मचारियों के हमले से एक कंपनी के करीब दस अधिकारी व उतने ही कर्मचारी घायल हुए हैं। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में एडमिट कराया गया है।

क्या है मामला

मंगलवार को गौरव इंटरनेशनल कंपनी में नौकरी करने वाला यूपी के गोरखपुर निवासी 32 वर्षीय शम्मी के साथ मारपीट की गई। मंगलवार को ईएसआई अस्पताल जाने के कारण शम्मी नौकरी पर लेट से पहुंचा। लेट आने पर कंपनी के गेट पर तैनात एक गार्ड व अधिकारी से उसकी कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि सुरक्षा गार्ड व अन्य ने मिलकर शम्मी के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसमें वह घायल हो गया। शम्मी को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में एडमिट कराया गया था। अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। गुरुवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे लंच के दौरान गौरव इंटरनेशनल कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों के पास वाट्स एप मैसेज से पता चला कि शम्मी की मौत हो गई है।
समझाते रहे, लेकिन कोई नहीं माना

रिचा ग्लोबल कंपनी के जीएम अमरजीत डागर ने बताया कि तोड़फोड़ करने वाले कर्मचारियों को देख पहले तो मेरी समझ में कुछ नहीं आया कि क्या हो गया। हाथों में डंडे पत्थर लिए कर्मचारी जहां दिखे वहीं उसे मार रहे थे। लग्जरी कारों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त करना पड़ा। यहां तक कि हमारे ऊपर व कई अधिकारियों पर भी हमले हुए। हम समझाते रहे लेकिन कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी।
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