गुडग़ांव. अब अनियमित कॉलोनियों में नगर निगम मूलभूत सुविधाओं के लिए विकास कार्य जल्द शुरू करने जा रहा है। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने भी मुहर लगा दी है। फिलहाल, नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 44 कॉलोनियों में विकास कार्य किया जाएगा। दैनिक भास्कर में 20 जनवरी को 'पहेली है कॉलोनी नियमित करने की अधिसूचना'[ शीर्षक से खबर छपी थी, जिसमें सवाल उठाया कि प्रदेश सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किए जाने के तीन महीने बाद भी कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू नहीं हुआ है। नोटिफिकेशन को लेकर निगम अधिकारी भ्रमित हैं।
निगम की इंजीनियरिंग विंग ने तर्क दिया था कि प्रदेश सरकार के नोटिफिकेशन से जाहिर हो रहा है कि विकास शुल्क लेने के बाद ही विकास कार्य कराया जाए। विकास कार्य होने के बाद लोग विकास शुल्क जमा नहीं कराएंगे। दूसरी तरफ टाउन प्लानिंग का तर्क था कि निगम के पास पैसा है तो विकास कार्य कराया जा सकता है। सरकार ने ऐसा नहीं कहा है कि विकास शुल्क लेने के बाद ही काम शुरू किया जाए।
निगम अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेवारी थोप रहे हैं। इस भ्रम के चलते ही विकास काम शुरू नहीं हो पा रहा था, जिसका खामियाजा कॉलोनीवासियों को भुगतना पड़ रहा है।अब, प्रदेश सरकार का स्पष्टीकरण आ गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निगम के पास पैसे हैं, इसलिए उन कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू किए जाएं, जिन कॉलोनियों को सरकार ने नियमित करने की घोषणा की है।
44 कॉलोनियों में बहेगी विकास की गंगा : फिलहाल, निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 44 कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू होगा। इन कॉलोनियों का लेआउट प्लान तैयार है। अन्य 7 कॉलोनियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा।
कैसे होगा काम : इन कॉलोनियों में सबसे पहले सीवर, पानी की लाइन और बरसाती ड्रेन बिछाई जाएंगी। इस काम में यह नहीं देखा जाएगा कि किस गली या क्षेत्र में आबादी बस रही है या नहीं। पूरी कॉलोनी में एक समान पाइप लाइन बिछाई जाएगी। सड़क और स्ट्रीट लाइटों का काम बाद में किया जाएगा। इसमें आबादी क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी।
नक्शा पास कराने के दौरान लिया जाएगा विकास शुल्क-
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉलोनियों में विकास कार्य कराने के लिए विकास शुल्क की शर्त नहीं होगी। विकास शुल्क लेने के बाद ही विकास कार्य कराए जाएंगे, इसकी शर्त नहीं होगी। भवन का नक्शा पास कराने के दौरान विकास शुल्क लिए जाएंगे। जो लोग भवन बना चुके हैं, उनसे भी विकास शुल्क मांगा जाएगा। प्रति वर्गगज 150 रुपए की दर से विकास शुल्क लिए जाएंगे।