गुड़गांव. भारत में गणतंत्र दिवस हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है, 26 जनवरी 1950 को भारतीय वासियों ने संविधान अपनाया था। बस तभी से देश गणतंत्र हुआ और उसी उपलक्ष मे गणतंत्र दिवस हर साल मनाया जाने लगा। जनवरी 26, 1950 भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस साल भारत स्वतंत्रता दिवस का 65वां वर्षगाठ मना रहा है। देश की आजादी के लिए महात्मा गांधी और कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान कर दिया। हरियाणा से भी कई ऐसे जवान हैं, जिन्होंने भारत की रक्षा के लिए अपनी जान नौछावर कर दी।
20 दिसंबर 2013 को अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान में वहां के लोगों को हमलावरों से बचाते हुए भारत के दो शांति सैनिक शहीद हो गए। ये दोनों हरियाणा के थे। इनमें से एक भोंडसी के सूबेदार कुंवरपाल सिंह राघव और दूसरे चरखी दादरी के सूबेदार धर्मेश सांगवान हैं।
दक्षिण सूडान के अकोबो स्थित यूनाइटेड नेशंस मिशन को निशाना बनाया गया। वहां करीब 2000 विद्रोहियों ने हमला कर दिया था। अशांत अकोबो काउंटी के करीब 30 लोगों ने जोंगलेई प्रांत के इस शिविर में शरण ले रखी थी। दूसरे सबसे बड़े जातीय समूह लू नुएर के युवाओं ने शांति सैनिकों से कहा कि शरणार्थियों को उनके हवाले कर दिया जाए। हमारे जवानों ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी।
दक्षिण सूडान दुनिया का सबसे नया स्वतंत्र देश है। उस शिविर में उस समय 43 भारतीय शांति सैनिक, छह राजनीतिक अधिकारी तथा 12 सिविलियन कर्मचारी थे। बाद में सूडान की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अन्य भारतीय शांति सैनिकों व अन्य लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। दक्षिण सूडान में करीब 1,50,000 शांति सैनिक हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर-