स्टूडेंट्स का गुस्सा फूटा, प्रदर्शन
{पांच घंटे तक किया रोड जाम, लगाए प्रशासन विरोधी नारे
{मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग पर अड़े हैं स्टूडेंट्स
भास्करन्यूज | गुड़गांव
एसजीटीयूनिवर्सिटी की मेडिकल छात्रा पायल गोदारा आत्महत्या मामले में पुलिस की ढिलाई के विरोध में कॉलेज छात्र-छात्राओं परिजनों ने सोमवार को चंदू बस अड्डे पर मोमबत्तियां जला कर प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने रोड जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान पर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर हत्यारों को बचाने का आरोप लगाया। स्टूडेंट्स ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। छात्र-छात्राओं ने पुलिस को मिले सुसाइड नोट की कॉपी मुहैया कराने की भी मांग की। डीसीपी वेस्ट कुलविंदर द्वारा आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किए जाने के आश्वासन के बाद स्टूडेंट्स ने शाम लगभग 4 बजे जाम खोला। वे सुबह 11 बजे से जाम लगाकर बैठे हुए थे। इस तरह से गुड़गांव फर्रुखनगर रोड पर 5 घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा।
जिदपर अड़े रहे स्टूडेंट्स
कॉलेजछात्र-छात्राएं हाथों में कैंडल लेकर सुबह चंदू बस अड्डे पर पहुंच गए और गुड़गांव-फर्रुखनगर रोड को जाम कर दिया। छात्र-छात्राएं सड़क पर कैंडल जलाकर धरने पर बैठ गए, जिसके चलते रोड पर जाम लग गया। गुड़गांव से भिवानी, झज्जर, बहादुरगढ़, दादरी रोहतक की ओर आने-जाने वाला ट्रैफिक जाम हो गया। रोड जाम करने की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ डीसीपी मौके कर पहुंच गए थे। शेषपेज 16 पर
उनकेद्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर भी जाम नहीं खोलने दिया। स्टूडेंट्स ने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो पूरे भारत के छात्र हड़ताल करेंगे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे रोहतक के भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश भाटोटिया ने जाम से बचने के लिए लोगों को समझाने पहुंच गए। उन्होंने भरोसा दिया कि वह सीएम से मिलकर न्याय दिलवाएंगे। जाम पर बैठे छात्रों ने कहा कि वे अपनी शिकायत पीएम से सीएम तक भेज चुके हैं। उन्होंने ही कुछ नहीं किया तो आप क्या कर सकते हैं। यह सुनकर जैसे ही नेता जी वहां से खिसकने लगे, छात्रों ने उनकी गाड़ी को भी रोक लिया और कहा कि हमारे बैठे रहते यहां से किसी को भी नही गुजरने देंगे।
आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन : बिगड़तेहालात पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंचे डीसीपी वेस्ट कुलविंदर सिंह ने स्टूडेंट्स को बताया कि सुसाइड नोट की सच्चाई जाने के लिए उसे स्पेसीमैन के पास भेजा जा चुका है। पुलिस ने एसजीटी यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल, मेडिसिन के प्रोफेसर वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुसाइड नोट पर सवाल
स्टूडेंट्सके साथ प्रदर्शन में शामिल पायल के मामा सचिंद्र ओमप्रकाश ने आरोप लगाया है कि पायल अक्सर लिखते समय अंग्रेजी का प्रयोग करती थी। जबकि सुसाइड नोट हिंदी में लिखा है, जिससे सुसाइड नोट पर संदेह होता है। इसके अलावा पायल की मौत के बाद करीब 15 मिनट तक वार्डन का उसके कमरे में रहने के पीछे क्या मकसद था। यही नहीं कॉलेज प्रबंधन दीपावली जैसे पर्व पर भी स्टूडेंट्स की छुट्टी नहीं करता था। जबकि इस घटना के बाद 10 दिन की छुट्टी कर दी गई। प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स का तर्क था कि अगर कॉलेज प्रशासन को अपनी कोई गलती नहीं लगती है तो छुट्टी करने की आवश्यकता क्यों पड़ गई।
गुड़गांव. मेडिकल की छात्रा पायल आत्महत्या मामले में जाम लगाकर बैठे स्टूडेंट्स को समझाते डीसीपी कुलविंदर सिंह।
गुड़गांव. मेडिकल की छात्रा पायल आत्महत्या मामले में कैंडल जलाकर प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स।