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भारतीय संस्कृति से ही साकार होगा विश्वग्राम
केंद्रीयराज्य मंत्री सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने कहा है कि भारत को फिर से विश्व गुरू बनाने के लिए लोगों को जागृत करना होगा। विश्व ग्राम की कल्पना भारत की संस्कृति की राह पर चलकर ही साकार हो सकती है। इसके लिए हमें गांव की संस्कृति को अपनाने के साथ आधुनिकता की अच्छाइयों को भी साथ लेना होगा। वह रविवार को गुड़गांव के पचगांव स्थित एक संस्थान में विश्व ग्राम की कल्पना विषय पर आयोजित संगोष्ठी के समापन अवसर बोल रहे थे। यह संगोष्ठी दो दिनों तक चली। इस संगोष्ठी में आरएसएस विचारक इंद्रेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर नटवर सिंह और देशभर से आए प्रतिनिधि शामिल थे। समापन सत्र में आरएसएस विचारक इंद्रेश ने कहा कि विश्व ग्राम की कल्पना को साकार करने में भारत ही गुरू की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हम लोगों के लिए मातृभूमि प्रथम होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 2016 में मध्यप्रदेश के उज्जैन में लगने वाले महाकुंभ में विश्व ग्राम पर विश्व संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। शेषपेज 15 पर
इसमेंविश्व भर से प्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा की जाएगी। इससे पूर्व देशभर के विश्वविद्यालयों में छात्रों से संपर्क कर इस विषय पर गहन मंथन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाकुंभ में विश्व ग्राम संगोष्ठी में आतंक और अपराध मुक्त विश्व प्रदूषण मुक्त विश्व विषयों पर चर्चा की जाएगी।
संगोष्ठी को पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर नटवर सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी से बहन रजनी कुमारी, पूर्व आईआरएस सुनीता दुगल, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जीएल शर्मा उपस्थित थे।
गुड़गांव. पचगांव स्थित एक संस्थान में विश्व ग्राम की कल्पना विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मंचासीन केंद्रीय राज्य मंत्री सांसद राव इंद्रजीत सिंह, आरएसएस विचारक इंद्रेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर नटवर सिंह आिद।