गुड़गांव। पुलिस द्वारा अवैध शराब के ठेकों के भंडाफोड़ से आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की नींद हराम हो गई है। पुलिस द्वारा शराब के 14 गैर लाइसेंसी ठेकों का भंडाफोड़ किए जाने से विभाग में गुड़गांव से लेकर चंडीगढ़ तक हड़कंप मचा है। आखिर विभाग के लाइसेंस के बिना इतना बड़ा गोरखधंधा कैसे हो रहा था। इसकी जांच के लिए शनिवार को चंडीगढ़ की एक टीम गुड़गांव पहुंची। पूरी टीम विभागीय कार्यालय से लेकर मौके पर दिन भर जांच करती रही। शाम तक जांच प्रक्रिया चल रही थी।
प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। मामले का खुलासा होते ही पुलिस कमिश्नर ने भी इस मामले में आबकारी अधिकारियों कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने के लिए डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर को पत्र लिखा था। इसके अलावा, सरकार की ओर से भी इस मामले में जवाब मांगा गया है। सरकार प्रशासन की गंभीरता का नतीजा शनिवार को देखने को मिला। शनिवार को अवकाश होने के बावजूद चंडीगढ़ से आबकारी विभाग के अधिकारी गुड़गांव पहुंचे और पूरे मामले की पड़ताल करते रहे।
जांच में पता चला है कि शराब के अवैध ठेकों से बरामद की गई शराब की क्वालिटी ठीक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस कमिश्नर नवदीप सिंह विर्क ने गुरुवार रात 9 बजे बादशाहपुर थाना क्षेत्र में क्राइम ब्रांच की 17 पुलिस टीमों से गोपनीय तरीके से छापेमारी कराई थी। इस दौरान शराब के 14 ठेके अवैध मिले। ठेकों से सैकड़ों पेटी बगैर परमिट वाली शराब बरामद की गई थी। पुलिस ने 13 शराब तस्करों को भी काबू किया था, जिन्हें शनिवार को अदालत से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
गंभीरता से होगी जांच
पुलिस कमिश्नर नवदीप सिंह विर्क का कहना है कि 20 किलोमीटर के दायरे में चल रहे शराब के 14 अवैध ठेके मामले की जांच पुलिस गंभीरता से कर रही है। जल्द ही इसमें शामिल बड़े खिलाड़ियों को सामने लाया जाएगा। शराब के अवैध कारोबार में जिन पुलिस कर्मियों या आबकारी विभाग के कर्मियों की संलिप्तता पाई गई उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उपायुक्त को इस मामले की जांच कराने के लिए पत्र लिख दिया गया है।
^इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। चंडीगढ़ की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसमें विभाग के अधिकारी संलिप्त हैं या नहीं। इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अरुणासिंह, डीईटीसी एक्साइज।