भाव के भूखे होते हैं भगवान : मनमोहन
भाव के भूखे होते हैं भगवान : मनमोहन
गुड़गांव| सभीप्राणियों में प्रभु का वास है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए। जिससे सभी का भला हो सके। भगवान भी यही चाहते हैं। वे भाव के भूखे होते हैं। यह कहना है पंडित मनमोहन जी बृजवासी का। वे सेक्टर 4 स्थित वैश्य समाज धर्मशाला में श्रीमदभागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं से मुखातिब थे। कार्यक्रम का आयोजन बृजरस गौ सेवा समिति द्वारा किया गया है। उन्होंने ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई। कथा के बीच भक्ति रस की गंगा बही। भजन-कीर्तन सुन श्रद्धालु झूम उठे। उन्होंने श्रीकृष्ण की महिमा से सभी को अवगत कराया। उनके जैसा सरल-सहज बनने की प्रेरणा दी। सभी के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जो भक्ति रस का प्याला पीते हैं, वही भव सागर पार करते हैं। उन्होंने भगवान विष्णु के कपिल अवतार से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। कथा सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। भजनों पर सभी घंटों थिरकते रहे। कथा का शुभारंभ होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होने लगी थी। मंगलवार को भरत, अजामिल वामन अवतार की कथा सुनाई जाएगी। कई सामाजिक-धार्मिक संस्थाएं कथा में सहयोग दे रही हैं। समिति के प्रधान बाबू राम गुप्ता, महासचिव अजय मंगला सहित बड़ी संख्या में कार्यकारिणी सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
गुड़गांव. सेक्टर-4 के वैश्य अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीमदभागवत कथा में शामिल लोग आरती में शामिल होते हुए।