पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मतदान केंद्र वोट की जानकारी ले सकेंगे हेल्पलाइन नंबर से

मतदान केंद्र वोट की जानकारी ले सकेंगे हेल्पलाइन नंबर से

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चुनाव की घोषणा होते ही अवैध आतिशबाजी का निर्माण शुरू

हरियाणामें विधानसभा चुनावों की घोषणा होते ही पुन्हाना खंड के हथनगांव दल्लाबास सहित आधा दर्जन गांवों में अवैध आतिशबाजी का निर्माण कार्य जोरों से शुरू हो गया है। इसकी जानकारी होते हुए जिला प्रशासन चुप्पी साधे है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस गांव में 2007 नूंह कांड दोहराया जा सकता है। इस घटना में दो परिवारों के आतिशबाजी निर्माण के दौरान परखच्चे उड़ गए थे। गौरतलब है की वर्ष 2007 में हथनगांव में अवैध आतिशबाजी बनाने के दौरान भारी विस्फोट हुआ था। उस विस्फोट में हथनगांव निवासी श्यामलाल उसकी प|ी सहित उसके दो बच्चों के परखच्चे उड़ गए थे। उस समय तत्कालीन एसपी हरदीप सिंह दून ने इन गांवों को अतिसंवेदनशील घोषित कर दिया था और अवैध आतिशबाजी निर्माण कार्यों पर लगाम कस दी थी। अब चुनावों के चलते दोबारा हथनगांव दल्लाबास में भारी मात्रा में अवैध आतिशबाजियों का निर्माण कार्य चल रहा है।

कैसेबनती है अवैध आतिशबाजी: पुन्हानाखंड का हथनगांव राजस्थान उत्तरप्रदेश की सीमाओं से सटा हुआ है। आतिशबाजी निर्माण मेंं प्रयोग होने वाला बारूद आसानी से राजस्थान से आता है और आतिशबाजी बनानें मे प्रयोग होने वाले बारूद, गंधक, पोटाश रैपर आदि को उत्तरप्रदेश से लाया जाता है। इन सामग्रियों को बनाने के बाद इन्हें हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में सप्लाई कर दिया जाता है। इन दिनों आतिशबाजियों के थोक विक्रेताओं ने हथनगांव के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। जो भारी मात्रा में आतिशबाजियों को ले जाकर बेचते हैं।

नहींहै जानकारी: एसडीएम: इससंबंध में फिरोजपुर झिरका के एसडीएम मीनाक्षी गोयल ने बताया की उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। हथनगांव मेंं अवैध रूप से हो रहा आतिशबाजी निर्माण के बारे में वह पता लगाएंगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में लिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। वहीं इस बारे में पुन्हाना थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार का कहना है की नूंह में हुए हादसे के बाद पुन्हाना में इन गांवों मे विशेष ध्यान है। अवैध आतिशबाजी बनाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतिशबाजी बनाने वाले परिवारों के बारे में पता लगाएंगे। घरों कारखानों में छापा मारकर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।