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एक्सपेंडिचर आब्जर्वर ने संभाली जिम्मेदारी

7 वर्ष पहले
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चुनावआयोग द्वारा जिले में नियुक्त एक्सपेंडिचर आब्जर्वर के अनिमेश गुड़गांव पहुंच चुके हैं। उन्होंने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए गठित टीम के साथ बैठक की। अनिमेश ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शेखर विद्यार्थी, पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल तथा चुनावी खर्च पर निगरानी रखने वाले अधिकारियों के साथ भी बातचीत की।

ऑनलाइन शपथ पत्र भरने की सुविधा

इसकेबाद अनिमेश ने उपायुक्त शेखर विद्यार्थी, पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल और विभिन्न चुनाव संबंधी कार्यों के लिए जिला में नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ भारत निर्वाचन आयोग की वीडियो कांफ्रेंसिंग में हिस्सा लिया, जिसमें बताया गया कि प्रत्याशी द्वारा नामांकन के साथ लगाए जाने वाले एफिडेविट (शपथ पत्र) की ई-फाइलिंग (ऑनलाइन) भरा जा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ने कहा कि शपथ पत्र की ई-फाइलिंग के कई फायदे हैं। एक तो उसमें चुनाव आयोग द्वारा कोई अदायगी नहीं ली जाती, दूसरा फायदा यह है कि उसमें गलती की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाती है क्योंकि गलती होते ही कम्प्यूटर पर इंगित हो जाएगी, जिसे तत्काल ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शपथ पत्र की ई-फाइलिंग प्रत्याशियों के लिए ऐच्छिक अर्थात् ऑप्शनल है। प्रत्याशी पहले की तरह अपने नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र की हॉर्ड कॉपी संलग्न कर सकते हैं और उस सूरत में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा शपथ पत्र को स्कैन करके मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा तथा भारत निर्वाचन आयोग को ई-मेल से भेजा जाएगा।

शराबपीने-पिलाने पर रहेगी नजर

विद्यार्थीने यह भी बताया कि चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार मतदाताओं को प्रलोभन के लिए शराब तथा खाना परोसना गैर कानूनी है। यदि कहीं पर पब्लिक के लिए खाने का लंगर लगाया जा रहा है और चुनाव लड़ने वाला प्रत्याशी वहां जाता है तो उसका सारा खर्च प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जुड़ेगा। इसके साथ विद्यार्थी ने आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शराब की बिक्री पर निगरानी रखे और किसी भी ठेके से पिछले दो महिनों की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक बिक्री होती है तो उसकी जांच करें। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकारियों को चुनाव में शराब के अवैध वितरण की संभावनाओं वाले स्थानों की पहचान करके उन स्थानों पर छापा मारने के निर्देश भी दिए हैं।