गुड़गांव. शैक्षणिक सत्र 2015-16 लगभग बीत चुका है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स को नियम 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का सपना पूरा नहीं हो सका है। दूसरी से आठवीं कक्षा के 354 स्टूडेंट्स के लिए 14 अगस्त 2015 को एडमिशन के लिए प्राइवेट स्कूलों में सीटें एलॉट की गई थी। इसके बावजूद 32 स्कूलों द्वारा किसी भी स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं दिया गया। यह बात शनिवार को अभिभावक एकता मंच के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।
लेट से होगा एडमिशन
इस दौरान आरके यादव व रामफल श्योराण ने संयुक्त रूप से कहा कि नए सत्र में भी समय पर ड्रा नहीं होने से एडमिशन फिर से लेट हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ अधिकारी भी प्राइवेट स्कूलों का अप्रत्यक्ष रूप से बचाव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए सीटें एक अप्रैल से ही एलॉट होनी चाहिए, जिससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
14 अगस्त को ड्रॉ निकाला गया
जबकि वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग की अनदेखी के कारण 14 अगस्त को ड्रॉ निकाला गया जिससे मात्र 143 स्टूडेंट्स को ही प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन मिल पाए। जबकि 354 स्टूडेंट्स का ड्रा करीब 40 स्कूलों के लिए निकाला गया था। लेकिन इनमें से 32 स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। सात स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने कोर्ट की शरण ली है।
केंद्रीय मंत्री से लगा चुके हैं गुहार
गुड़गांव के सांसद व केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत के समक्ष भी अभिभावक एकता मंच के पदाधिकारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें नियम की जानकारी तक नहीं थी। इसके बाद इस मामले में मंडलायुक्त को जिम्मेवारी सौंपी गई। इसके बावजूद एडमिशन नहीं हो पाए।
सामने नहीं आ रहा स्कूलों के ऑडिट का सच
जून 2015 में मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने नियम 158ए के तहत नौ प्राइवेट स्कूलों के फीस को लेकर ऑडिट कराने के आदेश दिए थे। आठ माह बीतने के बाद भी इस ऑडिट की सच्चाई सामने नहीं आई है। हालांकि बताया जा रहा है कि चार स्कूल ऑडिट में दोषी पाए गए हैं, लेकिन इस मामले को दबाया जा रहा है। वहीं, दो स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने ऑडिट के लिए कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।
नए सत्र में समय पर हो सीटों का ड्रॉ
अभिभावक एकता मंच के अध्यक्ष ताराचंद यादव, संरक्षक आरके यादव व सचिव रामफल श्योराण ने संयुक्त रूप से कहा कि आने वाले सत्र में समय पर सीटें एलॉट होनी चाहिए, जिससे कि समय पर एडमिशन लेकर स्टूडेंट्स पढ़ाई शुरू कर सकें। मार्च के अंतिम सप्ताह तक सीटों का ड्रा कराकर एक अप्रैल से एडमिशन शुरू होने हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इस बार भी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है।