आखिर सो गया सियाचीन का शेर
सियाचिनमें बर्फ का सीना चीर का जिंदगी की आस लेकर बाहर निकले भारतीय सेना के लांसनायक हनुमनथप्पा कोप्पड के निधन से फर्रुखनगर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी आत्मा की शांति के लिए लोगों ने हवन करके शोकाकुल परिवार के लिए इस दुख की घड़ी में धेर्य रखनें की शक्ति देने के लिए भगवान से प्रार्थना की।
पूर्व नपा उपाध्यक्ष मुरारी लाल सैनी, पार्षद राजेंद्र सिंह, पार्षद मितलेश कुमारी, कप्तान शर्मा, सतीश कुमार यादव, फूल चंद जैन, राम र| शर्मा, महेश जाटव, नरेश कुमार, ओम प्रकाश सैनी, महेश कुमार, निहाल चंद, राधे श्याम बत्रा, होशियार सैनी आदि ने कहा कि सियाचीन दुनिया की सबसे दुर्गम जगह है। वहां पर मंद्रास रेजीमेंट की 19वीं बटालियन के दस जवान तीन फरवरी को आए हिमस्खलन में बर्फ में फंस गए थे। इस दस जवानों में से केवल जवान लांसनायक हनुमनथप्पा कोप्पड़ को ही बर्फ से जीवित निकाला गया था। जब से ही वह कोमा में चल रहे थे। उनके सहास की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। उन्होंने कहा कि करोड़ाे देशवासी उनकी सलामती के लिए भगवान से दुआ मांग रहे थे। लेकिन कुदरत को कुछ ओर ही मंजूर था। मंगलवार को जवान लांसनायक हनुमनथप्पा कोप्पड़ ने अंतिम सांस ली। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
गुड़गांव. जोनहाल स्थित शहीद स्मारक पर मोमबती जलाकर सियाचिन में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धाजंलि देते हुए लोग।
गुड़गांव | सियाचिनग्लेशियर में करीब माइनस 50 डिग्री के तापमान में मौत को चकमा देने वाले लांस नायक वीर जवान शहीद हनुमनथप्पा गुरुवार को सुबह करीब 11:45 पर जिंदगी की जंग हार गए। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरा देश शोक में डूब गया। गुडगांव में सिविल लाइन में जोन हॉल में बने शहीद स्मारक स्थल पर मोमबत्ती जलाकर दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहीदों को सलामी दी। उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि देकर देशभक्ति के गीत भी गाए गए। इस दौरान श्रद्धांजलि देने वालों में विनोद यादव, परवीन चाहर, सत्यवान ढुल, कृष्णकांत मिश्रा, मोहित कटारिया, हरपाल शर्मा, एके भारद्वाज, ओमप्रकाश, सत्येंद्र कुमार, परवीन यादव,मनोज कुमार, कैलाश चन्द्र, गुमान सिंह, रमेश कुमार, रणबीर सिंह, आमोद कुमार, अक्षय कुमार, रामचन्द्र, पप्पू आदि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।