बसंत पंचमी पर करवाया आठ कन्याओं का सामूहिक विवाह
गुरूग्राममित्र मंडल की ओर से हिन्दू धर्म की आठ कन्याओं के सामूहिक आदर्श विवाह का आयोजन स्थानीय गुरुद्वारा रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में बड़ी धूमधाम से किया गया। आठ दूल्हे एक साथ घोड़ी पर सवार होकर स्थानीय गुरुद्वारा रोड स्थित सिद्वेश्वर मंदिर से चलकर जेल चौक, सोहना चौक, सदर बाजार रामलीला ग्राउंड होते हुए समारोह स्थल पर पहुंचे। दूल्हों के साथ बैंड बाजों पर बड़ी संख्या में नाचते गाते बराती भी थे। रास्ते में जगह-जगह पर लोगों द्वारा बारात का स्वागत किया गया।
विवाह स्थल पर एक विशाल मंच बनाया गया। जिसमें सामूहिक अंगूठी वरमाला की रस्म अदा की गई। सामूहिक वरमाला के दौरान पुष्प वर्षा ने वर-वधु के परिवार के सदस्यों और समारोह में आए हुए अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्था के अध्यक्ष मुकेश सिंघल और महासचिव चन्द्रभान गोयल ने बताया कि समारोह में वर-वधु को उपहार स्वरूप वह सभी सामान दिया गया, जो एक परिवार को घर चलाने के लिए चाहिए।
सामान में एक पलंग, एक जोड़ी बिस्तर, लड़का लड़की के कपड़े, एक चांदी का मंगल सूत्र, लड़के लड़की की अंगूठी, लड़का लड़की की हाथ की घड़ी, एक स्टील की अलमारी, 51 बर्तन का सेट, शृंगारदान, एक बैंग, टेबल, कुर्सी, सिंलिग फैन सिलाई मशीन आदि दिए गए। इस अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा वर-वधु को आशीर्वाद दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस दौरान संस्था के उपाध्यक्ष ईश्वर मित्तल, सह सचिव त्रिलोक चन्द गुप्ता, मंच प्रबंधक श्रीचन्द गुप्ता, आयोजक यूके गुप्ता, संयोजक समिति के सदस्य अरुण कुमार अग्रवाल, प्रवेश गर्ग, महेन्द्र कुमार गुप्ता, प्रदीप जैन, राजेश कुमार गुप्ता, तिलक राज मल्होत्रा, ओमप्रकाश, अभय जैन, गिरीश बंसल, अनुराग जैन, अरुण महेश्वरी, गणेश गर्ग, पंकज गुप्ता, पुरूषोतम अग्रवाल, राजीव शर्मा कार्यक्रम में शामिल रहे।
विद्याकी देवी मां सरस्वती की आराधना की : जिलेमें बसन्त पंचमी का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। कई स्कूलों सामाजिक संस्थाओं ने शुक्रवार को बसंत पंचमी के पर्व पर जहां मां सरस्वती की पूजा अचर्ना की, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया।
छात्रों ने अपने शिक्षिकों को भी सम्मानित किया। उधर,मारुतिकुंज की उत्कल एसोसिएशन द्वारा मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। इसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। आयोजन के संयोजक परविंद मिश्रा ने कहा कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती को शिक्षा की देवी भी कहा जाता है।
बसंतपंचमी पर स्कूल में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हुई : शुक्रवारको शांति निकेतन पब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर स्कूल में हवन कर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई। नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा के तक बच्चों ने पीपी पोशाक पहनकर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की। पूरा विद्यालय ऐसे लग रहा था कि मानो पीली रोशनी ओढ़ रखी हो। कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक के बच्चों ने पंतग प्रतियोगिताएं और बसंत ऋतु से संबंधित पोस्टर बनाएं।
शिविरमें चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में बुजुर्गों का स्वास्थ्य जांचा : बंसतपंचमी के अवसर पर सेक्टर-4 के वृद्धाश्रम में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की। शिविर का उद्घघाटन करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने कहा कि आयुष विभाग की ओर से विभिन्न पद्धतियों से बुजुर्गों का उपचार किया गया।
तावडू | नगर क्षेत्र में शुक्रवार को बसंत पंचमी पर्व श्रद्धा हर्षोल्लास से मनाया गया। शुक्रवार को प्रात: काल से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं विभिन्न स्कूलों में बसंत पंचमी पर्व को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन कर सरस्वती पूजन किया गया। माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी को मां सरस्वती की उत्पत्ति का दिन माना गया है। सर छोटू राम नगर में स्थित शिवम अस्पताल में एक कार्यक्रम के दौरान आयुष मेडिकल एसोशिएसन (इंडिया) के राष्ट्रीय महासचिव डाक्टर राम अवतार चौधरी ने कहा कि बसंत ऋतु आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है, मानव तो क्या पशु-पक्षी तक उल्लास से भर जाते हैं। हर दिन नई उमंग से सूर्योदय होता है और नई चेतना प्रदान कर अगले दिन फि आने का आवासन देकर चला जाता है। प्राचीन काल से ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती कर जन्म दिवस माना जाता है। आज के दिन मां शारदा की पूजा कर उनसे अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना की गई।
गुड़गांव. बसंत पचंमी के शुभ अवसर पर गुरुग्राम मित्रमण्डल द्वारा अग्रवाल धर्मशाला में करवाए गए सामुहिक विवाह में एक-दूसरे को जयमाला पहनाते दूल्हा-दूल्हन।