गुड़गांव. सेक्टर-34 में ट्रांसपोर्ट नगर के प्लान में बदलाव किया गया है। पहले 90 एकड़ जमीन पर विकसित करने की योजना थी, लेकिन जमीन पर विवाद होने की वजह से 43 एकड़ जमीन पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की योजना है। वहीं, शहर की आबादी बढ़ने पर बिलासपुर में जमीन का अधिग्रहण करके नया ट्रांसपोर्ट नगर डेवलप होगा। हालांकि प्लान में बदलाव होने से ट्रांसपोर्टर संतुष्ट नहीं है। इनका आरोप है कि सीएम के निर्देश के बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं है।
क्या है मामला
हुडा ने ट्रांसपोर्ट नगर के लिए सेक्टर-34 में 95 एकड़ जमीन एलॉट की थी, लेकिन 50 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा होने के कारण डेवलप नहीं हो पा रहा। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि उनको ट्रकों को खड़ा करने के लिए दी गई जगह को विकसित नहीं किया जा रहा है। जिससे ट्रांसपोर्टरों को माल दूसरे शहरों में पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।
तीन लाख की लागत से पार्क का होगा कायाकल्प
रविवार को सेक्टर-7 स्थित पार्क नंबर 2 का जीर्णोद्धार होगा। आरडब्ल्यूए के प्रधान आरएन कटारिया ने नारियल तोड़कर इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पार्क का जीर्णोद्धार करीब 3 लाख रुपए की लागत से होगा। बताया कि क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें पार्क की समस्याओं से अवगत कराया था।
कौन-कौन थे मौजूद?
साथ ही बताया कि आगे भी क्षेत्र के पार्कों के जीर्णोद्धार के कार्य जारी रहेंगे। इस अवसर पर जेई गुलशन, एसडीओ देवेंद्र भड़ाना, जितेंद्र, पीसी चुग, बीएल ग्रोवर, नंदलाल, बीआर उप्पल, पंकज शर्मा, चेतनदास ग्रोवर, किशोर पाहूजा, विजय भगत, लेखराज चावला रवि कुमार, मनीष आर्य, नरेश शर्मा, एसपी शर्मा, आरएल गांधी आदि मौजूद थे।
ट्रांसपोर्ट नगर नहीं हो रहा डेवलप
गुड़गांव ऑटो मोबाइल वेलफेयर एसोशिएशन के प्रेसीडेंट अश्वनी शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी हुडा अधिकारी ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने को लेकर गंभीर नहीं हैं। पहले 90 एकड़ जमीन विकास किया जाना था, लेकिन जमीन अवैध कब्जा होने की वजह से 43 एकड़ पर ट्रांसपोर्ट नगर का प्लान तैयार किया जा रहा है।
प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं
हुडा एस्टेट ऑफिसर-2 तरुण कुमार पावरिया के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर के लिए नया प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है, प्लान तैयार होते ही डेवलप शुरू हो जाएगा। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों के लिए आगे की प्लानिंग की जाएगी।
20 हजार ट्रकों के लिए नहीं है जगह
गुड़गांव के 180 ट्रांसपोर्टर के यहां 20 हजार ट्रक हैं। जबकि 10 हजार ट्रक फरीदाबाद से गुड़गांव आते हैं। इन ट्रकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा टॉयलेट और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के लिए भवन तक नहीं है।