गुड़गांव। जिला नगर योजनाकार (इंफोर्समेंट) ने इंडिपेंडेंट फ्लोर बेचने वाले बिल्डरों को नोटिस भेजा है। एक सप्ताह में बिल्डरों को नोटिस का जवाब देना है। यदि नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो डीटीपी इन बिल्डरों से इंडिपेंडेंट फ्लोर का 200 रुपए स्क्वायर फुट की दर से कम्पाउंडिंग फीस वसूलेगा। वहीं इस मामले को लेकर एसटीपी ने बुधवार को बिल्डरों की एक बैठक बुलाई है।
डीटीपी संजीव मान ने बताया कि 2009 तक पॉलिसी थी कि कोई भी बिल्डर इंडिपेंडेंट फ्लोर नहीं बेच सकता है। इसके बावजूद बिल्डरों ने इंडिपेंडेंट फ्लोर बेच दिया था। जो बिल्डर इंडिपेंडेंट फ्लोर बेचते थे, उनसे 1000 रुपए स्क्वायर फुट की दर से कम्पाउंडिंग फीस वसूलने का नियम था। 2009 में चार बिल्डरों को नोटिस भेजकर कम्पाउंडिंग फीस वसूली गई थी। उस दौरान इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका डाली गई थी।
याचिका को चुनौती देते हुए बिल्डरों ने इंडिपेंडेंट फ्लोर बेचने की अनुमति और कम्पाउंडिंग फीस कम करने की मांग सरकार से की थी। इस पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 2010 में बिल्डरों को इंडिपेंडेंट फ्लोर बेचने की अनुमति और कम्पाउंडिंग फीस 200 रुपए कर दी थी।
डीटीपी ने कहा कि हाईकोर्ट में फिर से याचिका डाली गई कि 2009 से पहले बिल्डरों ने इंडिपेंडेंट फ्लोर बड़े पैमाने पर बेचे हैं। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए और बिल्डरों से कम्पाउंडिंग फीस भी वसूली जाए। डीटीपी संजीव मान ने कहा कि इसे लेकर अब सभी बिल्डरों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि 2009 के पहले कितने इंडिपेंडेंट फ्लोर बेचे गए हैं। इसका जवाब एक सप्ताह के अंदर बिल्डर उनके कार्यालय को दें।
यदि समय पर जवाब नहीं मिलता है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच सही पाए जाने पर बिल्डर से इंडिपेंडेंट फ्लोर का 200 रुपए स्क्वायर फुट की दर से कम्पाउंडिंग वसूला जाएगा। हालांकि इस मामले को लेकर सीनियर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने बुधवार को बिल्डरों की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में कई मुद्दों सहित अन्य इस मसले पर भी चर्चा होगी।
> डीटीपी इंफोर्समेंट ने एक सप्ताह में मांगा जवाब।
> बुधवार को एसटीपी ने इस मामले में बिल्डरों की बैठक बुलाई।