गुडग़ांव. दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए दो अधिकारियों ने गुडग़ांव पहुंच कर सेक्टर-29 सीएनजी स्टेशन के मीटर की रीडिंग ली। रीडिंग लेने के बाद अधिकारी स्टेशन का प्रतिदिन होने वाले कलेक्शन राशि की ऑडिट करेंगे। इस सीएनजी स्टेशन के कलेक्शन को संचालक मनोज गुप्ता द्वारा न जमा करने पर हरियाणा सिटी गैस कंपनी ने अपना ताला जड़ा हुआ है। इस विवाद से सीएनजी के उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
लेकिन कंपनी को भी उपभोक्ताओं की परेशानी से ज्यादा अपने पैसे की फिक्र सता रही है। 8 जनवरी 2014 से सेक्टर-29 सीएनजी स्टेशन पर ताला लटका है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन 10 लाख रुपए प्रतिदिन का कलेक्शन होता है। लेकिन स्टेशन पर कई महीनों से 8.30 करोड़ रुपए का कलेक्शन राशि को हरियाणा सिटी गैस कंपनी को जमा नहीं किया गया।
इसको लेकर कंपनी द्वारा ताला लगाए जाने के बाद स्टेशन संचालक मनोज गुप्ता ने 20 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की। उन्होंने 8.30 करोड़ रुपए बकाया राशि में से सवा करोड़ रुपए की अदायगी करने के लिए कोर्ट के समक्ष रखा। जिस पर कोर्ट ने मनोज गुप्ता को फटकार लगाई और कंपनी की कुल बकाया राशि जमा करने के बाद ही स्टेशन चालू करने की अनुमति देने को कहा।
इसके बाद मनोज गुप्ता द्वारा कोर्ट से सिफारिश की गई कि बाकी चार अन्य सीएनजी स्टेशनों को कंपनी का बकाया है, लेकिन उन पर ताला नहीं लगाया जाता है। इस पर कोर्ट ने सेक्टर-29 सीएनजी स्टेशनों की ऑडिट करने के लिए दो अधिकारी नियुक्त कर 27 जनवरी को जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा।
कोर्ट के आदेश पर मंगलवार देर शाम को दोनों अधिकारी गुडग़ांव पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले सेक्टर-29 सीएनजी स्टेशन की मीटर रीडिंग ली। कंपनी के एमडी कपिल चोपड़ा ने कहा कि इन अधिकारियों द्वारा लिए गए मीटर रीडिंग को अन्य सीएनजी स्टेशनों से मिलान किया जाएगा। जिससे यह पता चल सके कि सीएनजी स्टेशनों पर कितनी सीएनजी की खपत से कितना कलेक्शन राशि आ रही है। अभी तो सेक्टर-29 सीएनजी स्टेशन की मीटर रीडिंग ली गई, बाकी की भी ली जा रही है।