गुड़गांव। अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में खिलाने के नाम पर 50 हजार रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक व्यक्ति ने जिला खेल विभाग को शिकायत देकर गैर मान्यता प्राप्त कराटे प्रतियोगिता कराने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में पीड़ित व्यक्ति ने बताया है कि उसे लालच दिया गया था कि उसके बेटे को अंतर्राष्ट्रीय मेडल मिलने के बाद प्रदेश सरकार द्वारा लाखों रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेंगे। जबकि मेडल व सर्टिफिकेट खेल विभाग में मान्य ही नहीं हैं।
बिहार के जिला सिवान निवासी विश्राम पटेल गुड़गांव कादीपुर गांव में किराए के मकान में अपनी पत्नी व 11 वर्षीय बेटा राजू के साथ रह रहा है। राजू, कमल पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। शिकायत में आरोप है कि इसी स्कूल में करण कराटे प्रशिक्षक है।
23 से 29 दिसंबर को वह और उनका साथी
कपिल शर्मा उनके बेटे राजू व अन्य छात्रों को भूटान में कराटे प्रतियोगिता के लिए लेकर गए थे, जिसकी एवज में 50-50 हजार रुपए बच्चों के परिजनों से लिए गए थे। उनको लालच दिया था कि अंतर्राष्ट्रीय मेडल मिलने के बाद प्रदेश सरकार से लाखों रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेंगे। इसके लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से भी उन्हें भ्रमित करते हुए प्रतियोगिता की मान्यता होने का दावा किया था।
लेकिन जब मेडल की अहमियत नहीं होने का पता चला तो वे अपने साथ हुए धोखे को लेकर खेल विभाग के अधिकारियों के समक्ष पहुंचे। शिकायत में खेल विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि ऐसा फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि अन्य लोगों को बचाया जा सके।
^ फर्जी कराटे प्रतियोगिता को लेकर सोमवार को शिकायत मिली है। यह मामला विभाग के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। उसके बाद कार्यवाही की जाएगी।
रोशनी देवी, जिला खेल अधिकारी गुड़गांव