गुड़गांव | गुड़गांव पुलिस के साइबर सेल को अपने सबसे बड़े सवाल का जवाब अब तक नहीं मिलेगा। इसके लिए साइबर को खुद ही रास्ता निकालना पड़ेगा। कारण यह है कि गिरफ्तार किए गए ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह के तीनों युवकों को अदालत ने और अधिक रिमांड देने से मना कर दिया है। जिसके कारण रविवार को पुलिस नहीं चाहते हुए तीनों युवकों को भोंड़सी जेल भेजना पड़ा। जबकि पुलिस को इनसे अभी कई सवालों के जवाब लेना बाकी था। तीनों युवकों को जेल भेजे जाने से साइबर सेल की जांच में परेशानी आएगी।
शनिवार को संयुक्त पुलिस कमिश्नर विवेक शर्मा ने पत्रकारवार्ता में बताया था कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान आशीष गुप्ता ने बताया था कि उसके पास 70 करोड़ लोगों का गोपनीय डाटा है। लेकिन यह नहीं पता चल सका की यह इतनी भारी संख्या में उसके पास डाटा कैसे आया। इसके लिए ही पुलिस ने शनिवार को कोर्ट से आशीष सहित दो अन्य युवकों की रिमांड अवधि बढ़ाने की अपील की थी, लेकिन अदालत ने पुलिस की अपील अनसुनी कर तीनों आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दे दिया। साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सुधीर ने बताया कि आरोपियों के रिमांड नहीं मिलने से जांच में परेशानी आएगी। उन्होंने बताया कि गुड़गांव पुलिस बैंकों से संपर्क कर आशीष के पास उपलब्ध डाटा की जांच करेगी। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को डाटा मिलने के लिए बारे में कुछ क्लू मिल गया है। जिसके आधार पर कार्रवाई चल रही है।