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डाउनलोड करेंगुड़गांव. नाबालिगों के खिलाफ साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा इसलिए है कि नाबालिगों को पता ही नहीं होता कि वे कैसे साइबर क्राइम के दलदल में फंस जाते हैं। फेसबुक व अन्य सोशल साइट पर फ्रेंड लिस्ट बढ़ाने के लिए अंजान लोगों को भी वे दोस्त बना लेते हैं, जो बैठे-बिठाए मुसीबत को न्योता देना है।
नाबालिगों को इंटरनेट यूज करने के लिए साइबर सेफ कैंपेन चलाया गया है। इसके जरिए पुलिस साइबर सेल की टीम एक्सपर्ट्स के साथ स्कूलों में जाकर छात्रों को सेफली इंटरनेट यूज करने की ट्रेनिंग देती है। कैंपेन के पहले चरण में शहर के 14 स्कूलों के 1200 छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया है।
7 से 8 वर्ष के बच्चों के खिलाफ भी मिली शिकायतें : गुड़गांव पुलिस के साइबर सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरेश कुमार बताते हैं कि 7-8 वर्ष के बच्चों के खिलाफ भी साइबर क्राइम की शिकायतें मिली हैं। ऐसी दो शिकायतें उन्हें 2013 में ही मिली हैं। इसके अलावा हर माह औसतन 10 नाबालिगों के खिलाफ साइबर क्राइम की शिकायत हर माह आती है। 2013 में साइबर सेल में 10 मई तक 257 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से 150 की जांच पूरी की जा चुकी है।
ऐसी होती है कार्रवाई
सुरेश कुमार बताते हैं कि शिकायत मिलते ही नाबालिग छात्र और उसके परिजनों से संपर्क किया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि बच्चे ने क्या अपराध किया है। परिजनों को बताया जाता है कि वे अपने बच्चे को समझाएं कि ऐसा आगे न करें। इसके बाद साइबर सेल की एक टीम छात्र के घर जाकर उससे मिलती है। छात्र को समझाया जाता है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए। फिर उसे बताया जाता है कि इंटरनेट का प्रयोग करते समय वह किस प्रकार से सावधानी बरते।
कैंपेन के दौरान बताई जानी वाली मुख्य बातें
:फेसबुक आदि पर बने अकाउंट को कैसे सुरक्षित रखें
:ई-मेल आईडी बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
:नई तकनीक के एंटरोइड, 3जी मोबाइल या अन्य फोन को कैसे प्रयोग करें
:आईटी एक्ट में साइबर क्राइम के लिए क्या प्रावधान है
:साइबर क्राइम के लिए कितनी सजा हो सकती है
:इंटरनेट प्रयोग करते समय क्या नहीं करना चाहिए
:अपने अकाउंट का पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
:अकाउंट की प्राइवेसी सेंटिंग्स को ठीक से पढ़कर चेक करें
:अपनी निजी और पारिवारिक समारोह की फोटो सोशल साइट पर अपलोड न करें
:अंजान लोगों को अपनी दोस्तों की सूची में शामिल न करें
:अगर कोई गलती हो जाती है तो अपने परिजनों या टीचर से शेयर करें
सही जानकारी न होने के चलते अंजाने में छात्र साइबर क्राइम कर देते हैं। इसके लिए उन्हें साइबर सेफ कैंपेन के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में करीब 1200 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जल्द ही दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। गुड़गांव पुलिस का उद्देश्य है कि गुड़गांव का हर किशोर इंटरनेट का सेफ यूज करे।
आलोक मित्तल, पुलिस कमिश्नर गुड़गांव
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