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सतर्कता से ही हो सकता है साइबर क्राइम में जालसाजों से बचाव

6 वर्ष पहले
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गुड़गांव। जालसाजों ने साइबर ठगी के जरिए लोगों को चूना लगाना शुरू कर दिया है। एटीएम, नेटबैंकिंग से फ्रॉड होने वाले मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस भी इन मामलों की एफआईआर दर्ज तो कर लेती है लेकिन आरोपियों को पकड़ने में सफलता कम ही मिल पाती है। लोगों में जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर जालसाज वारदातों को आसानी से अंजाम दे रहे हैं।

केस नंबर 1
सदर थाने में शशिभूषण मुंजाल ने 44 लाख की ठगी की शिकायत दी। 6 फरवरी 2015 को जालसाज ने केवल ईमेल के जरिए ही इतनी बड़ी ठगी को अंजाम दे दिया। अपनी शिकायत में शशिभूषण ने बताया था कि एक ईमेल के शब्दों को हेरफेर कर हूबहू दूसरा ईमेल तैयार कर लिया। इसी मेल के आधार पर शशिभूषण की कंपनी ने उसे पेमेंट कर दिया। बाद में जब असली पेई ने उनसे भुगतान करने को कहा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत उन्होंने पुलिस को अपनी शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

केस नंबर 2
1 नवंबर 2014 को लक्की ड्रा के नाम लॉटरी चलाने वाली कुसुम बंसल नामक महिला पर लाखों की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। सेक्टर-5 थाना को शिवपुरी निवासी लक्ष्मी शर्मा ने बताया कि कृष्णा कॉलोनी निवासी कुसुम बंसल अंबे लक्की ड्रा के नाम से लॉटरी चलाती हैं।
लक्ष्मी ने कुसुम पर आरोप लगाया है कि वह लॉटरी के नाम पर करीब 50 लाख रुपये ऐंठ चुकी हैं। लक्ष्मी के अनुसार कई लोगों ने कुसुम को लाखों रुपए दिए हैं। पुलिस के पास करीब 40 लोगों ने मिलकर शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। उसके बाद शिकायत सही मिलने के बाद कुसुम को गिरफ्तार कर लिया।

केस नंबर 3
थाना डीएलएफ फेज-2 में पुनीत नंदा ने शिकायत में बताया कि वह फरीदाबाद के सेक्टर-34 में रहते हैं और डीएलएफ फेज-2 में उनका ऑफिस है। शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोनकर्ता ने अपने आप को एक्सिस बैंक का कर्मी बताया और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की बात की। और उसके लिए क्रेडिट का पूरा गोपनीय ब्यौरा ले लिया। इसके बाद एक दिन पुनीत नंदा के रजिस्टर मोबाइल पर ऑनलाइन 75 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया।

उसके बाद उन्होंने जब बैंक जाकर इसकी मैसेज आने की बात बताकर रकम निकालने की बात बताई तो पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 75 हजार रुपए की ऑन लाइन शापिंग की गई है। पुनीत नंदा ने 6 जनवरी 2015 को पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इन बातों का ख्याल रखना जरूरी

-बैंक के नाम पर फोन कर खाते से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी लेने वालों को कोई जानकारी नहीं दें।
-ऑनलाइन बैंकिंग का प्रयोग करते समय अपने गोपनीय सूचना किसी से शेयर नहीं करें।
-एटीएम से रकम निकालते समय एटीएम पर मौजूद कर्मी के अलावा किसी से सहायता नहीं लें।
-एटीएम कार्ड किसी भी अंजान व्यक्ति को देने से आपकी रकम पर खतरा हो सकता है।
^ एटीएम, ऑनलाइन बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड के उपभोक्ताओं को इन सुविधाओं के प्रयोग करने में सतर्कता रखनी चाहिए। वारदात होने की दशा में तुरंत संबंधित बैंक को सूचित करें और पुलिस को शिकायत दें। लेकिन सतर्कता बरतने से इन मामलों को रोका जा सकता है।
राजेश कुमार, एसीपी क्राइम