गुड़गांव। अगर जीवन में सदा प्रसन्न रहना है, तो सेवाभाव होना जरूरी है। आध्यात्मिकता मनुष्य को महान बनाती है। जीवन को अच्छा बनाने के लिए अपने को सदा विश्व-सेवाधारी समझना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम रविवार शाम को गुड़गांव में ओम शांति रिट्रीट सेन्टर के 14 वें वार्षिक उत्सव पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें चार बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पहला ये कि हम विश्व में आध्यात्मिकता का परिवेश बनाएं, दूसरा मातृशक्ति का सम्मान करें, उन्हें खुशी दें जब वे खुश रहेंगे तभी हमारा समाज, देश व विश्व खुशहाल रहेगा। तीसरा पारदर्शिता हो, समाज भ्रष्टाचार और आतंकवाद से मुक्त हो और चौथा स्वच्छता एवं हरियाली हो। हम अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाएं।
देश 2020 तक एक विकसित राष्ट्र बनेगा
उन्होंने कहा कि हर घर में एक छोटा पुस्तकालय हो, जिसमें कम से कम आध्यात्मिक एवं महापुरुषों के जीवन से संबंधित 10 अच्छी पुस्तकें हों। सारा परिवार आपस में मिलकर अच्छे प्रेरणादाई विचार व मूल्यों की चर्चा करे। शांति की अनुभूति के लिए एक छोटा-सा योग कक्ष हो। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भारत देश 2020 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा।
गुस्से व सख्ती से काम लेना जरूरी नहीं है
दिल्ली एवं चंडीगढ़ के चुनाव आयुक्त भ्राता राकेश मेहता ने कहा कि जब से ब्रह्मकुमारीज के संपर्क में आया, तबसे मेरे जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। पहले मैं समझता था सरकारी काम में गुस्सा करना व सख्ती से काम लेना जरूरी है, मेरे अंदर बहुत क्रोध था। लेकिन आज मैं हर कार्य बहुत ही शांति एवं धैर्यता से करता हूं। इस अवसर पर संस्था की अतिरिक्त प्रशासिका दादी गुल्ज़ार, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा ने अन्य सेवाओं की जानकारी दी।
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