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पुलिस के खिलाफ दिए गए सबूत में खुद फंस गए नेताजी, वीडियो फुटेज बनी मुसीबत

7 वर्ष पहले
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गुड़गांव। भाजपा नेता कमल यादव द्वारा सीआईए के खिलाफ सबूत के तौर पर दिया गया पेन ड्राइव अब उनके ही गले का फांस बन गया है। सीपी के निर्देश से इस पेन ड्राइव में मौजूद वीडियो फुटेज की जांच कर ली गई है। जांच में नेता जी का सबूत उन्हीं के खिलाफ गवाही दे रहा है। पुलिस अब इसी वीडियो फुटेज के आधार पर कमल यादव के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। हालांकि इस मामले अभी सीआईए टीम से पूछताछ नहीं हो सकी है। इसका कारण चुनाव में पुलिस की जिम्मेवारी बताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस को जो पेन ड्राइव दी गई थी। उसमें वीडियो फुटेज की जांच में नेता जी ही दोषी पाए गए हैं। वीडियो में कुछ लोग कमल यादव के ऑफिस में जाते दिख रहे हैं। इसमें पहले एक-दो लोग ही ऑफिस में गए हैं। उसके बाद कुछ और लोग भीतर दाखिल हुए। लेकिन जब ये लोग बाहर निकले तब इनके पीछे कमल यादव के आदमी भी निकले। सभी के हाथों में लाठी डंडे थे। वो ऑफिस में आए लोगों को दौड़ा रहे थे। यह भी पता चला कि कमल यादव के एक आदमी ने एक पुलिस कर्मी को धक्का-मुक्की भी की। इस वीडियो में कमल यादव के साथ क्राइम ब्रांच टीम द्वारा किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं दिख रहा है। बादशाहपुर के भाजपा नेता कमल यादव ने 19 सितंबर को पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल से मिलकर क्राइम ब्रांच पर गंभीर आरोप लगाया था।

भाजपा नेता ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने अपने पक्ष में पुलिस कमिश्नर को क्राइम ब्रांच की कार्रवाई से संबंधित वीडियो फुटेज सौंपी। इस पर पुलिस कमिश्नर ने 48 घंटे के भीतर जांच कर एसीपी क्राइम को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
फाइल फोटो