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डाउनलोड करेंगुडग़ांव. तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए कंपनियों ने खुद अपनी टीम तैयार की है। बाजार में तकनीशियनों की संख्या बढ़ाने के लिए कंपनी के विशेषज्ञ खुद अपनी निगरानी में युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऑटो कंपनियों ने इसकी शुरुआत कर दी है। कई सालों से ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के चलते युवाओं की दिलचस्पी घटने लगी है।
ऑटो सेक्टर में प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी को भरने के लिए ऑटो कंपनियों ने अपने विशेषज्ञों की टीम तैयार कर फ्रेशर्स युवाओं को तकनीकी आधार पर दक्ष करने की तैयारी की है ताकि रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। इसी कड़ी में शुरुआत करते हुए वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने डीपीजी पॉलिटेक्निक के साथ करार किया है, जिसमें युवाओं को कैंपस प्लेसमेंट के दौरान बेहतरीन अवसर देने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा सके।
गुरुवार को टोयोटा तकनीकी एजुकेशन प्रोग्राम नाम से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कंपनी के अधिकारी नवीन सोनी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक दिन छात्रों को एक घंटे एक्सपर्ट की टीम उन्हें विशेष प्रशिक्षण देगी। कंपनी ने इसके लिए पूरा सेटअप तैयार किया है, जिसमें छात्रों के लिए ड्रेस, औजार के अलावा ट्रेनिंग से संबंधित पूरी सामग्री दी जाएगी। सोनी के अनुसार प्रत्येक साल कंपनी ऐसे पांच हजार फ्रैश युवाओं को कंपनी में रोजगार का मौका देगी। इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, एमडी ऋषिपाल गहलोत, वाइस चेयरमैन दीपक गहलोत समेत 120 से \\'यादा स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
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