पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अधिकारी की गाड़ी से ड्राइवर करता था लूटपाट, पांच लुटेरे गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गुड़गांव। दिल्ली के इनकमटैक्स अधिकारी के साथ अटैच गाड़ी को उसके चालक ने लूट के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। 2-3 साल से चालक अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी द्वारा नीली बत्ती व भारत सरकार लिखी डिजायर गाड़ी का इस्तेमाल करने के कारण शिकार करने में आसानी होती थी। लेकिन सोमवार को क्राइम ब्रांच ने नाकेबंदी कर डिजायर गाड़ी के साथ 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस इन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

ज्वाइंट पुलिस आयुक्त विवेक शर्मा के अनुसार रविवार को झाड़सा रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी। तभी एक नीली बत्ती लगी व भारत सरकार लिखी हुई डिजायर गाड़ी आई जिसमें पांच युवक बैठे थे। पुलिस टीम को इन पर शक हुआ। पुलिस टीम ने सफेद रंग की इस डिजायर गाड़ी को रुकवाया और चेक किया तो गाड़ी में बैठे युवक कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि ये लोग शातिर लुटेरे हैं और इन्होंने थाना सुशान्त लोक के एरिया से एक ट्रैक्टर को लूटने की वारदात को कबूल किया है।

तीन वारदातों को कबूला

पूछताछ के दौरान इस गिरोह ने अब तक तीन वारदातों को कबूला है। जो कि एक सुशांत लोक थाना एरिया में वजीराबाद एरिया के पास की है और दूसरी जसौला दिल्ली व तीसरी नोयडा यूपी की है। गिरोह से पूछताछ जारी है जिसमें कई वारदातों का और खुलासा हो सकता है। इनसे ट्रैक्टरों को भी बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

आरोपी देर रात को अपनी डिजायर गाड़ी लेकर निकलते थे और रास्ते में अच्छे कंडीशन वाले ट्रैक्टर को देखकर ही उसके आगे अपनी गाड़ी लगाकर उसे रुकवाते थे। अफसर बनकर उसे कागज दिखाने की बात कहते थे। गाड़ी पर नीली बत्ती देख व ट्रैक्टर चालक डर जाते थे। कागज पूरे नहीं होने पर आरोपी ट्रैक्टर के चालकों को अपनी गाड़ी में बैठा लेते थे। इनका दूसरा साथी उस ट्रैक्टर को लेकर भेज देते थे। इधर, ट्रैक्टर के ड्राइवर को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर उसे इधर-उधर घुमाते रहते थे। जब उनका आदमी ट्रैक्टर के साथ काफी दूर निकल जाता था तो अपनी गाड़ी में बैठे ट्रैक्टर के चालक को हाथ पैर बांधकर रास्ते में सुनसान जगह पर फेंक देते थे। ये लोग ट्रैक्टर को यूपी में हसनपुर (गजरौला) के पास जाकर बेच देते थे। वारदात में प्रयोग की गई सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर पर नीली बत्ती व भारत सरकार लिखा हुआ है। गाड़ी का नंबर डीएल-3सीसी-ए-1643 है। इस पर इन्कम टैक्स विभाग का स्टीकर भी लगा हुआ है। पूछताछ करने पर पता चला कि इन्कम टैक्स विभाग के एक अधिकारी के पास यह गाड़ी अटैच है। अधिकारी को छोड़ने के बाद ड्राइवर अधिकारी को बिना बताए इस गाड़ी का प्रयोग वारदात करने के लिए करते थे।

आरोपी पहले भी खा चुके हैं जेल की हवा

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी 26 वर्षीय मोनू उर्फ फौजी के रूप में हुई। मोनू दसवीं पास है और मेरठ में पेंटर का काम करता है। मेरठ और गाजियाबाद में 4 ट्रैक्टरों की लूट की वारदातों के आरोप में यह पहले भी में जेल जा चुका है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिला निवासी 19 वर्षीय दिनेश उर्फ डीके पांचवीं पास है। वह बागपत में ईंट-भट्ठा पर ट्रैक्टर चलाने का काम करता है और यह गुडगांव में थाना भोंड़सी और थाना सोहना के ट्रैक्टर लूट के दो केस में जेल गया था। दिल्ली के महरौली निवासी 21 वर्षीय अफजल मूल रूप से मेरठ के जानी थाना का निवासी है और 12वीं फेल है। वह महरौली दिल्ली में नाई का काम करता है। वह मोनू और दिनेश को पहले से जानता था। इसी ने पंकज व जितेन्द्र से मुलाकात कराई और वारदातों में शामिल कराया। जितेन्द्र उर्फ जतिन दिल्ली के कटवारिया सराय का रहने वाला है। उसकी उम्र 22 साल है। वह 12वीं पास है। यह कटवारिया सराय दिल्ली में एक प्राइवेट इंस्टीट्यूट में क्लर्क का काम करता है और करीब दो-तीन महीने से इनके साथ वारदातों में शामिल रहा है। पंकज उर्फ राणा निवासी नवजीवन विहार दिल्ली उम्र 23 है। वह भी 10वीं फेल है तथा यह झंडेवालान दिल्ली में स्थित इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में करीब साढ़े तीन साल से कांट्रेक्ट पर ड्राइवर का काम कर रहा है।
फोटो- ट्रैक्टर लूटने के आरोपी पुलिस गिरफ्त में।