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मौत का सामान दे सिविल अस्पताल में मरीजों की जान के साथ किया जा रहा खिलवाड़

9 वर्ष पहले
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गुडग़ांव. सिविल अस्पताल में मरीजों को घटिया दवाएं देने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को बच्चों के लिए आई पैरासिटामोल सीरप की कई शीशियों में गंदगी पाई गई। यह दवा इंडिया ड्रग एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड ने सप्लाई की थी।

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि पहली खेप मुख्य स्टोर से डिस्पेंसरी भेजी गई थी। खराब दवाइयों की जानकारी मिलते ही सप्लाई रोक दी गई। सूत्रों का कहना है कि खराब दवाइयों के कई सैंपल 100 मरीजों को दिए जा चुके हैं।

रोजाना लिखी जाती है 50 बोतल : बाल ओपीडी में रोजाना करीब 150 ओपीडी होती है। इनमें अधिकतर बुखार से पीडि़त होते हैं और उन्हें यह दवाई दी जाती है। गुरुवार को भी लगभग 50 मरीजों को यह सीरप दी गई।

इनमें आधे मरीजों को ठीक सीरप मिली, जबकि कुछ मरीजों को खराब दवाइयों के स्टॉक से ही यह दवा दी गई। डॉ. बीना सिंह कहती हैं कि बुखार से पीडि़त बच्चों को पैरासिटामोल का सीरप लिखकर दिया जाता है।


सामुदायिक केंद्रों में भी भेजी
पैरासिटामोल की 1000 छोटी शीशियां सिविल अस्पताल भेजी गईं। इनमें से कई सामुदायिक केंद्रों में भेजने के साथ-साथ सिविल अस्पताल की डिस्पेंसरी में भी रखी गईं। इस पर निर्माण तिथि जनवरी, 2013 है और एक्सपायरी डेट नवंबर 2014 अंकित है।

कुछ दिन पहले ये बोतलें इंडिया ड्रग एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड ने भेजी थी। सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. असरुद्दीन ने बताया कि पैरासिटामोल की कई बोतलों में खराब दवाइयां मिलने की बात सामने आई है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य केंद्रों व डिस्पेंसरी से दवाएं मंगा ली गई हैं।