गुड़गांव। नेशनल हाइवे-8 स्थित हीरो
होंडा चौक पर फ्लाईओवर के निर्माण में अभी कई बाधाएं हैं। इसका निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 30 महीने का लक्ष्य है, जिसमें लगभग तीन महीने निकल चुके हैं। इसके बाद अभी भी कई बाधाएं बनी हैं।
अभी तक न तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) ने पेट्रोल पंप सहित अन्य स्ट्रक्चर हटाए हैं और न ही हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) ने 66 केवी लाइन शिफ्ट करने के लिए एनएचएआई को एस्टीमेट सौंपा है। इन बाधाओं को दूर करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। फिलहाल, स्वॉल टेस्टिंग (मृदा परीक्षण) का काम चल रहा है।
क्या है प्रस्ताव
हीरो होंडा चौक पर 8 लेन का फ्लाईओवर बनाया जा रहा है, जिस पर लगभग 197 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। इसमें 25 फीसदी खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी, शेष 75 फीसदी खर्च एनएचएआई करेगा। फ्लाईओवर के दोनों तरफ 4-4 लेन के सर्विस रोड और चार लेन का एक अंडर पास बनाया जाएगा। इसके लिए 25 नवंबर 2014 को टेंडर जारी किया जा चुका है। फिलहाल, कंपनी स्वायल टेस्टिंग का काम कर रही है। स्वायल टेस्टिंग रिपोर्ट मंजूर होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। दूसरी तरफ, निर्माण कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मशक्कत हो रही है। इसके लिए एनएचएआई द्वारा संबंधित विभागों को दबाव दिया जा रहा है।
66 केवी लाइन को और ऊंचा करने के लिए जल्द हुडा को प्रस्ताव भेजा जाएगा। हुडा द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए एचवीपीएन के एमडी के पास भेजा जाएगा। एमडी की मंजूरी मिलते ही एस्टीमेट बनाकर एनएचएआई को सौंप दिया जाएगा। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है।-एमएल गर्ग, एक्सईएन एचवीपीएन।
बाधाएं दूर करने के लिए 50 करोड़ का बजट
फ्लाईओवर के निर्माण के बीच आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए लगभग 50 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें सबसे प्रमुख 66 केवी की हाइटेंशन लाइन है। इस लाइन को और ऊंचा करने का प्रस्ताव है, जिस पर लगभग 1.75 करोड़ रुपए खर्च आएगा।
शर्तों के अनुसार लाइन को ऊंचा करने का प्रस्ताव एचवीपीएन द्वारा बनाया जाना, जिसे हुडा द्वारा मंजूर कराना अनिवार्य होगा। इस खर्च का वहन एनएचएआई करेगा। इसके लिए एनएचएआई को एचवीपीएन के एस्टीमेट का इंतजार है। हाईवे एडमिनिस्ट्रेटर अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि 66 केवी लाइन को शिफ्ट करने संबंधी एस्टीमेट की मांग की गई है। एस्टीमेट मिलते ही निर्माण करने वाली कंपनी को लागत राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इसमें देरी नहीं की जाएगी। इसके अलावा 11 केवी की लाइन भी बाधा बनी है, जिसे शिफ्ट करने के लिए दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम को पहल करने की जरूरत है।
दूसरी बाधा, स्ट्रक्चर की है। फ्लाईओवर रूट में पेट्रोल पंप और पांच स्ट्रक्चर अभी भी बाधा बने हैं। हाइवे एडमिनिस्ट्रेटर का कहना है कि इसके लिए कई बार हुडा को लिखा गया है। मगर, हुडा की तरफ से कोई पहल नहीं हो रही है। जबतक स्ट्रक्चर नहीं हटाया जाएगा, तबतक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकेगा। फ्लाईओवर निर्माण के लिए 30 महीने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से तीन महीने निकल चुके हैं। समय से काम पूरा करने के लिए कंपनी पर पूरा दबाव है।