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बढ़े पारे ने छुड़ाए नौनिहालों के पसीने, कई जगह धूप में लग रही हैं कक्षाएं

8 वर्ष पहले
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गुड़गांव. कुछ दिनों से मौसम के तेवर तीखे हुए हैं। तापमान 40 डिग्री को पार करने लगा है। छात्रों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निजी स्कूलों ने प्राइमरी बच्चों की छुट्टियां इसी सप्ताह से और सेकंडरी के बच्चों की छुट्टियां 18 मई से करने की घोषणा की है। वहीं सरकारी स्कूलों के बच्चों की छुट्टियों को लेकर उहापोह बरकरार है। इसे लेकर न तो जिला प्रशासन गंभीर है, न शिक्षा विभाग। वहीं आलम ये है कि बढ़ती गर्मी से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी कम होने लगी है।

छात्र व अभिभावक मांग रहे छुट्टिया : आठवीं की मोनिका और प्राची कहती हैं कि झुलसाती गर्मी में पढ़ना मुश्किल है। स्कूल में छुट्टी भरी दोपहरी में होती है। इतनी गर्मी में घर जाना काफी मुश्किल होता है। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी हो रही है। अभिभावक माधवी कहती हैं कि उनकी बेटी राजकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ती हैं। स्कूल में पानी और बिजली की कमी होने से उनकी बेटी अक्सर बीमार हो जाती है। ऐसे में प्रशासन को छुट्टी कर देनी चाहिए।

सरकारी स्कूलों में छात्र हो रहे बेहोश : राजकीय अध्यापक संघ के राज्य सचिव सत्यनरायण यादव कहते हैं कि स्कूलों में पानी व बिजली की समस्या और बढ़ती गर्मी से छात्र बेहोश हो रहे हैं।

स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी कम होने लगी है। शिक्षा विभाग से कई बार अप्रैल में होने वाली 10 दिन के फसली अवकाश मई में करने की मांग की गई, लेकिन वे इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे।

प्राइमरी के बच्चे बेहाल : गर्मी में विशेषतौर से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राइमरी के बच्चों को परेशानी हो रही है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रधान विनोद ठाकरान कहते हैं कि लगभग 60 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं, जिनमें बिजली-पानी की समस्या है। कई स्कूलों में तो पंखे भी नहीं लगे हैं। गांव के स्कूलों में तो बिजली भी नहीं लगी है। कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पर्याप्त कमरे नहीं होने से छात्रों को बाहर धूप में पढ़ाई करनी पड़ रही है।

गर्मी के मद्देनजर प्राइमरी की छुट्टियां 11 मई से और बड़ी क्लासेज की छुट्टियां 18 मई से की जा रही हैं।

ए जावेद, निदेशक, सलवान पब्लिक स्कूल

अचानक गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, इसलिए 18 मई से स्कूल में छुट्टियां कर दी जाएंगी। एक सप्ताह का समय इसलिए रखा गया है ताकि छात्रों को छुट्टियों का होमवर्क दे दिया जाए।

यशपाल यादव, निदेशक, सीडी इंटरनेशनल स्कूल

स्कूल में 18 मई से छुट्टियां होंगी। स्कूल में बच्चों के लिए सभी सुविधाएं हैं। गर्मी अधिक होने के कारण बच्चों के लिए आउटडोर गेम्स बंद कर दिए गए हैं।

सुधा गोयल, प्रिंसिपल, स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल

शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के बिना सरकारी स्कूलों में समय से पहले छुट्टियां नहीं की जा सकती हैं। निजी स्कूलों में छुट्टियों को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जा सकता।

डॉ. मनोज कौशिक, डीईओ

धूप में ही लग रही हैं कक्षाएं

700 से अधिक छात्राओं के लिए मात्र दो कैमरे

भास्कर न्यूज. पिनगवां त्नमेवात में शिक्षा का स्तर सुधारने के लाख दावों के बाद भी सरकारी स्कूलों में धूप में ही कक्षाएं लग रही हैं। कमरों की कमी के कारण छात्राएं भरी दोपहरी में धूप के नीचे बैठने के लिए मजबूर हैं। कुछ ऐसी ही हालत पिनगवां के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की है। स्कूल में 8 कमरों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई के लिए मात्र दो कमरे हैं। स्कूल प्रशासन का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कमरे नहीं बने हैं।

ये है स्थिति : स्कूल के प्रिंसिपल नानक चंद ने बताया कि स्कूल में कुल 700 छात्राएं हैं।स्कूल में कुल 8 कमरे हैं, जिनमें छात्रों के बैठने के लिए केवल दो हैं। अन्य कमरों में 1 में ऑफिस, 2 में कंप्यूटर लैब है। शेष पेज त्न 11

एक में साइंस लैब, 1 में एजुसेट और एक में मिड-डे-मील का सामान रखा है। स्कूल में छात्राओं की अधिक संख्या व कम कमरों के बारे में कई बार उच्च अधिकारियों को बताया गया है, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।

निर्माण के लिए नहीं मिली ग्रांट

प्रिंसिपल के मुताबिक कई वर्षो से स्कूल की मरम्मत व कमरों के नाम पर स्कूल को कोई ग्रांट नहीं मिली। मरम्मत न होने के कारण स्कूल का लेवल रोड से ढाई फुट नीचे जा चुका है। बारिश में स्कूल मैदान पानी से लबालब भर जाता है और कक्षाएं लगाने में परेशानी होती है। स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ रही हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव है।

विभाग के पास स्कूल की तरफ से निर्माण कार्यो के लिए कोई मांग नहीं है। यदि स्कूल में कमरों के निर्माण के लिए जगह है तो अगले प्लान में ग्रांट का प्रस्ताव अवश्य भेजा जाएगा।

राजीव अरोड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी, मेवात