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डाउनलोड करेंगुडग़ांव. सेहत के लिए आयरन की गोली खाने से राजधानी दिल्ली के बाद अब गुडग़ांव में छात्राओं के बीमार होने का मामला सामने आया है। सोमवार को आयरन गोली खाने से सिकंदरपुर स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल की तीन छात्राओं की तबियत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
वीकली आयरन फॉलिक सप्लीमेंट (डब्ल्यूआईएफएफ) कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को सिकंदरपुर स्थित गवर्मेंट हाई स्कूल में विद्यार्थियों को आयरन गोली दी जा रही थी। बताया जा रहा है कि छात्राओं ने जैसे ही गोली खाई, कुछ देर बाद उनके पेट में तेज दर्द उठा। तबियत बिगड़ती देख स्कूल प्रबंधन छात्राओं को अस्पताल लेकर आया।
छात्राओं में सातवीं कक्षा की मनीषा और अनु की उम्र 12 वर्ष है, वहीं दसवीं कक्षा की सपना 14 वर्ष की है। अस्पताल में तीनों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि छात्राओं की तबियत खराब होने के बाद भी उन्हें स्कूल में ही नींबू-पानी देकर इलाज किया गया। इससे उनकी तबियत सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टरों के अनुसार छात्राओं ने गोली लेने से पूर्व पूरी-सब्जी खाई थी। इस वजह से पेट दर्द की शिकायत हो गई। उनके अनुसार फिलहाल तीनों की तबियत में पहले से सुधार हुआ है।
दो घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस : अभिभावकों ने आरोप लगाया कि छात्राओं की तबियत खराब होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। दोपहर ढाई बजे एंबुलेंस बुलाई गई। लेकिन दूसरी तरफ से कोई रिस्पॉन्स
नहीं मिला।
मैंने मामले की जांच की है। तीनों लड़कियों की तबियत पूरी-सब्जी खाने से खराब हुई है। लड़कियों का इलाज कराया जा रहा है। फिलहाल तीनों की स्थिति सामान्य है।
डॉ. पुष्पा बिश्नोई, सीएमओ, सिविल अस्पताल
टीचर ने खुद नहीं खाई, कहा-तुम खाओ
कुमार हरिओमत्नगुडग़ांव. पहले दिन टीचर ने कहा था कि आज स्कूल आते वक्त खाना खाकर आना। आपको आयरन की गोली खिलाई जाएगी। पीडि़त बच्चों में से तीनों घर के पास लगे भंडारे से पूरी-सब्जी खाकर आए थे। उन्होंने बताया कि टीचर ने हमें कहा- ये गोली खा लो। उन्होंने अपने हाथ से हमें गोली दी, लेकिन उन्होंने खुद इसे नहीं खाया। गोली खाने के घंटेभर बाद पेट में तेज दर्द होने लगा।
छात्रा ने जब यह बात बताई तो पता चला कि शिक्षक खुद गोली खाने से डरे थे। उन्हें पता था कि पेट में दर्द या मिचली आने जैसी शिकायत हो सकती है। वीकली आयरन फॉलिक सप्लीमेंट (डब्ल्यूआईएफएफ) कार्यक्रम के तहत छठी से दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षकों को भी विभाग ने आयरन गोली खाने के निर्देश दिए थे। सोमवार को शुरू हुए कार्यक्रम में गवर्मेंट हाई स्कूल सिकंदरपुर की तीन छात्राएं बीमार हो गईं।
छात्राओं की तबियत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया, तब पता चला कि शिक्षकों ने आयरन गोली खुद न खाकर छात्राओं को ही गोली खाने के निर्देश दिए। हालांकि स्कूल शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग इसे बाहर का खाना वजह बता रहे हैं। अगर इस तर्क को मान भी लें, लेकिन ये सवाल अपनी जगह मौजूद है कि निर्देश के बावजूद शिक्षकों ने गोली क्यों नहीं खाई। इस बारे में कोई कुछ बोलने को राजी नहीं है। शेष पेजत्न१५
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