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डाउनलोड करेंगन्नौर. जाट आरक्षण को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाटों ने एकत्र होकर प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरना देने का निर्णय लिया था। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय के नारायण स्वामी ने आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और उपस्थित समिति सदस्यों से आठ दिन का समय मांगा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आरक्षण मसले पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। यह बात धरने से लौटे जाट नेताओं ने बताई।
आरक्षण टालना साजिश
समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया ने बताया कि जाट आरक्षण को लेकर चले आंदोलन में यह निर्णय हुआ था कि इस मामले में केंद्र सरकार संसद सत्र के दौरान कोई निर्णय लेगी, लेकिन सत्र 8 मई को ही स्थगित कर दिया गया। यह जाट नेताओं के साथ किया वायदा पूरा नहीं हुआ है। उनकी मांग पर विचार न करना राजनेताओं की साजिश है। जिसे समुदाय स्वीकार नहीं करेगा। अब समिति के नीति निर्धारक कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं।
सोनीपत से 300 लोग पहुंचे जंतर-मंतर पर
समिति के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल धारीवाल, महम चौबीसी प्रधान तुलसी ग्रेवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष मूल चंद दहिया, आंतिल खाप के प्रधान हवासिंह आंतिल सरोहा खाप के प्रधान मास्टर रणधीर सिंह सरोहा, दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र बनिया, 360 सर्वजातीय खाप पंचायत के जिला सोनीपत प्रधान ओम सिंह आंतिल ललहेड़ी से जयभगवान के साथ सरुपा, ओम सिंह, महासिंह, रामकिशन, रामबीर, रणधीर, रामधन, राजपाल, जयप्रकाश, प्रताप, महेंद्र, बलजीत सहित सोनीपत जिले से लगभग 300 जाट समुदाय के सदस्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर गए हुए हैं।
आगे क्या : दिल्ली के सभी रास्ते बंद करेंगे
आरक्षण के पक्ष में निर्णय न होने पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में समाज के सभी साथियों को एक मंच पर आने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि मुद्दे को लेकर संघर्ष को तेज करने की जरूरत पड़ेगी। इसलिए दिल्ली में जाने वाले सभी रास्तों को बंद करने पर विचार किया जा सकता है। सोनीपत, बहादुरगढ़, फरीदाबाद, गुड़गांव हरियाणा की ओर से दिल्ली में प्रवेश के मार्ग हैं। दूसरी और यूपी से आने वाले रास्ते बागपत, गाजियाबाद हैं, इन पर भी बंद करने की तैयारी हो सकती है।
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