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प्रेमी युगल ने पुलिस पर परेशान करने का लगाया आरोप

8 वर्ष पहले
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गुडग़ांव. हमें यहां सोने नहीं दिया जाता, यहां रुकने के नाम पर पुलिसवाले पैसे मांगते हैं। परेशान भी कर रहे हैं। हमें यहां से छुटकारा दिलाओ। सुनने में थोड़ा अजीब सा लग रहा होगा लेकिन गुडग़ांव में प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा के लिए बने प्रोटेक्शन हाउस में रुके एक प्रेमी जोड़े ने राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखते हुए ऐसी ही मांग की है। पत्र में उन्होंने पुलिस महानिदेशक तक को दिए पत्र का जिक्र करते हुए कोई कार्रवाई न करने की बात का भी जिक्र किया है।
गुडग़ांव में पुलिस प्रोटेक्शन हाउस में कमरों के संकट को लेकर पहले भी कई बार प्रेमी जोड़ों की बात उठ चुकी है। अभी तक किसी भी प्रेमी जोड़े ने पुलिसकर्मियों पर परेशान करने का आरोप नहीं लगाया है। लेकिन फिलहाल यहां रुके प्रेमी जोड़े और उनके परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर भी पैसे लेने का आरोप लगाया है।
लड़के के परिजनों का आरोप है कि उन्हें उनके बेटे-बहू से मिलने नहीं दिया जाता, जबकि वे तो इस शादी से खुश हैं। लड़की पक्ष वालों से दबाव बनाया जा रहा है कि इनका तलाक करवाया जाएगा। यहां नवविवाहित प्रेमी जोड़े से मिलने पहुंचे उनके परिजनों व एक अन्य रिश्तेदार अहसान अली अजगर ने आरोप लगाया कि यहां सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बलवान सिंह ने उनके साथ बदतमीजी की और पुलिस केस करने की धमकी दी।
युवक जिसान व उसकी पत्नी शाहिन की ओर से राष्ट्रपति, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सुप्रीमकोर्ट व हाइकोर्ट के मुख्य न्यायधीश तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि वे यहां पुलिस सुरक्षा से छुटकारा पाना चाहते हैं। यहां से वे कहीं और जाना चाहते हैं। इसलिए उनकी पुलिस सुरक्षा हटाकर उन्हें आजाद किया जाए।
इस पुलिस सुरक्षा को उनके परिजनों ने जेल की संज्ञा दी है। सुरक्षा हटाने के लिए वे पटौदी के इलाका मजिस्ट्रेट तरुण सिंह, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक को लिखित में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं से भी उनकी सुरक्षा हटाने की जहमत नहीं उठाई गई। जबकि हाइकोर्ट के आदेश में साफ लिखा है कि पुलिस आयुक्त इस सुरक्षा को अपने स्तर पर हटा सकते हैं।
क्या है मामला
पटौदी के रहने वाले जिसान अली पुत्र मोहम्मद सद्दीक ने पटौदी की ही युवती शाहिन के साथ दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार प्रेम विवाह 11 नवंबर 2013 को किया था। इसके बाद दोनों ने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट से अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। हाइकोर्ट की ओर से उन्हें 20 दिसंबर को पुलिस सुरक्षा देने के लिए गुडग़ांव के पुलिस आयुक्त के नाम आदेश देकर खोजा गया था।
यहां उन्हें 21 दिसंबर को पुलिस सुरक्षा देकर गुडग़ांव स्थित शेल्टर होम में भेजा गया। तब से लेकर वे अब तक शेल्टर होम में ही रह रहे हैं। दंपती ने अपने परिजनों को कहा है कि यहां शैल्टर होम में कोई सुविधाएं नहीं हैं। यहां वे जमीन पर सोते हैं और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी पलंग पर सोते हैं। यही नहीं उनसे रोजाना 300 रुपए की भी मांग करते हैं। यहां मात्र दो कमरे हैं। एक कमरे में प्रेम विवाह करने वाले युवक व पुलिसकर्मी ठहरते हैं और दूसरे कमरे में विवाहिताएं सोती हैं। ऐसे में प्रेमी जोड़े यहां रुकने से कतरा रहे हैं।