गुड़गांव। पटौदी रोड स्थित ओम शांति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर में ओआरसी की वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक विजय दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में सकारात्मक चिन्तन की अति आवश्यकता है। विचारों में जितनी सकारात्मकता होगी, मन उतना ही शक्तिशाली होगा। जितने भी महान लोग हुए हैं, उनके जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थिति क्यों न आई, लेकिन वो सदा ही आशावादी रहे।
जब हम मन से आशावादी व सकारात्मक बने रहते हैं, तो हमसे उत्पन्न होने वाली ऊर्जा परिस्थितियों को भी बदल देती है। ब्रह्माकुमारीज़ के भोड़ा कलां में युवा एवं खेल मंत्रालय की ओर से 8 से 15 फरवरी तक आयोजित एकता शिविर में पैनल डिस्कशन द्वारा युवाओं के प्रश्नों के उत्तर दिए गए। इस अवसर पर बीके रजनी ने संबंधों में आ रहे तनाव के बारे में कहा कि आज सभी की एक-दूसरे से अपेक्षाएं इतनी बढ़ गई हैं, जिससे जीवन में संतुष्टता का अनुभव नहीं होता। बीके वीरेंद्र ने कहा कि युवाओं को अपनी क्षमताओं को अच्छी तरह पहचानना होगा और उसके अनुरूप जब कोई भी कार्य करेंगे तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। बीके मदन ने कहा, आज के युवा कहते हैं कि आधुनिकता के दौर में हमें बदलना पड़ता है। लेकिन आधुनिकता किस क्षेत्र में अपनाएं, ये बड़ा विषय है। आज के युवा पश्चिमी सदस्यता के अनुकरण करने को ही आधुनिकता समझते हैं। आधुनिक हमें विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में बनना है न कि फैशन के क्षेत्र में। युवाओं के लिए खेलकूद, नृत्य, गायन, लेखन एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने बहुत उमंग-उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में देश के अनेक प्रान्तों से आए 200 युवाओं ने हिस्सा लिया।