झिरका। जिला मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर मालब गांव के पास गुड़गांव-अलवर मुख्य मार्ग पर पुलिस की वर्दी पहन कर व वाहन में नीली बत्ती लगाकर लूटपाट की कई घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस की वर्दी में लुटेरों ने यहां जमकर उत्पात मचाया। वे गौहाना पुलिस चौकी के सामने से कई बार नीली बत्ती गाड़ी में व्यापारी को बंदी बनाकर चक्कर लगाते रहे, मगर पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस के जवानों ने इस गाड़ी को चेक करने की भी जहमत नहीं उठाई। अगर गाड़ी को रात के समय चेक कर लिया जाता तो लुटेरे पुलिस की गिरफ्त में होते। सुबह पीड़ित व्यापारी ने पूरी घटना की जानकारी दी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार रात लगभग साढ़े नौ बजे नगर के शिव मंदिर अध्यक्ष अनिल कुमार गोयल किसी कार्य से अपने घर फिरोजपुर झिरका स्कार्पियो से जा रहे थे। इसी दौरान मालब गांव की मस्जिद के पास गुड़गांव-अलवर मुख्य मार्ग पर पुलिस की वर्दी में तैनात कुछ जवानों ने गाड़ी चेक करने के बहाने उन्हें हाथ दिया। पुलिस की वर्दी में सभी जवान एक बोलेरो गाड़ी में नीली बत्ती लगाकर गुड़गांव-अलवर मुख्य मार्ग पर तैनात थे।
गाड़ी चालक संदीप पटेल ने पुलिस को देखकर गाड़ी रोकी दी। गाड़ी के रुकते ही पुलिस की वर्दी में तैनात लुटेरों ने गाड़ी मालिक अनिल गोयल को गाड़ी से उतार लिया। उनकी जेब में रखे पच्चीस हजार, गले में पहनी सोने की चेन, हाथ में पहनी दो सोने की अंगूठी व दो
मोबाइल लूट लिए। विरोध करने व शोर मचाने पर चालक व अनिल दोनों को बंधक बना लिया। चालक के साथ मार पिटाई की और उसे भी बंधक बनाकर बोलेरो गाड़ी में पीछे पटक दिया।
अनिल ने बताया कि पुलिस की वर्दी में आए लुटेरों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांधी व हाथ-पैर बांध दिए। अपने साथ गाड़ी में पीछे की सीट पर पटक दिया। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने लुटेरों ने स्कॉर्पियो गाड़ी में नीली बत्ती लगाकर उनके सामने एक 12 टायर ट्रक को लूटा। उन्होंने उसके चालक व परिचालक को भी बंधक बना लिया। अनिल ने बताया कि लूटपाट की दोनों घटनाओं को अंजाम देने के बाद शिकरावा के पेट्रोल पम्प से डीजल डलवाया।
वहां के पम्प कर्मी भी पीछे बंधे हमें देखते रहे। यही नहीं रात्रि साढ़े 9 बजे से लेकर सुबह चार बजे तक लुटेरे नीली बत्ती लगाकर कई बार गोहाना चौकी से बेखौफ निकले, लेकिन किसी पुलिस कर्मी ने गाड़ी को हाथ नहीं दिया व गाड़ी पर लगी बत्ती के बारे में नहीं पूछा। अंत में लुटेरों ने जाहटाना गांव में एक कच्चे मकान में बंद कर हाथ पैर बांधकर फरार हो गए। लुटेरों के जाने के बाद किसी तरह दोनों ने रस्सी से बंधे हाथ-पैर को खोला और गांव में जाकर एक युवक से मोबाइल लेकर अपने घर जानकारी दी।
परिजनों के आने पर इसकी जानकारी गोहाना चौकी पर पुलिस को दी। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी।
सहपाठियों ने किया था अपहरण, मांगी थी 5 करोड़ की फिरौती
बदमाशों ने अपहृत को छोड़ा, तीन गिरफ्तार, गैंग लीडर फरार
शुक्रवार की दोपहर को पालम विहार निवासी कारोबारी विनोद मल्होत्रा के 18 वर्षीय बेटे मानव के अपहरण करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी मानव के साथ दसवीं तक पढ़ चुके हैं। उन्होंने दो नाबालिग दोस्तों की सहायता से क्राइम जगत में नाम कमाने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
क्या था मामला
डीसीपी संगीता रानी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब सवा एक बजे पुलिस को सूचना मिली कि पालम विहार के ई-ब्लॉक निवासी विनोद मल्होत्रा के 18 वर्षीय बेटे मानव का अपहरण कर लिया गया है। उसका अपहरण घर के सामने से तीन नकाबपोश बदमाशों ने किया है। इस पूरे घटनाक्रम को विनोद के पड़ोस में रहने वाली अंजू गुप्ता ने देख लिया। उन्होंने तुरंत मानव के परिजनों के साथ पुलिस को सूचना दी।
उन्होंने बताया कि दिल्ली रोड पर जूते का शोरूम चलाने वाले विनोद के बेटे मानव का अपहरण शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे किया गया था। मानव पालम विहार स्थित चिरंजीव स्कूल की बारहवीं का स्टूडेंट है। वह स्कूल से घर पहुंचा ही था कि सफेद रंग की सेंट्रो कार आई, जिसमें चार युवक सवार थे। दो युवक कार में ही बैठे रहे जबकि दो युवक कार से उतरे और मानव की गर्दन पकड़ कार में जबरन डाल दिया। शाम करीब चार बजे मानव के मोबाइल फोन से उसके पिता विनोद को फोन कर अपहरणकर्ताओं ने 5 करोड़ की फिरौती मांगी। शेष पेज 17 पर
रकम नहीं देने पर उन्होंने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सर्विलांस से मानव के मोबाइल की लोकेशन चेक की। पता चला कि मानव का मोबाइल टीकली गांव की पहाड़ी की ओर है।
अंजू गुप्ता ने पुलिस को अपहरणकर्ताओं द्वारा वारदात में प्रयोग की गई सेंट्रो गाड़ी का नंबर भी दे दिया था। गाड़ी नंबर से पता चला कि यह नंबर सेक्टर-7 निवासी मंजू जोशी पत्नी दिलीप जोशी के नाम से रजिस्टर्ड है। पूछताछ में पता चला कि उनका बेटा मोहित जोशी इस गाड़ी को प्रयोग कर रहा है। जब मोहित जोशी के परिजनों से मोहित से बात हुई, तब वह पुलिस के पूछताछ करने की बात सुनकर डर गया।
मोहित धनकोट के पास कार से उतर गया और अन्य बदमाशों ने मानव को शाम 6 बजे सेक्टर-5 पार्क के पास छोड़ दिया। मानव ने अपने पिता को सूचित किया और उसके पिता विनोद सेक्टर-5 पहुंच कर अपने बेटे को घर ले आए।
दोस्तों ने किया था अगवा
उसने बताया कि उसका अपहरण उसके साथ पढ़ चुके सेक्टर-7 निवासी मोहित जोशी व मूल रूप से झज्जर के गांव खुडन निवासी अक्षय पुनिया ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर किया था। अक्षय पूनिया का परिवार सेक्टर-7 के हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहता है। डीसीपी (वेस्ट) संगीता रानी ने बताया कि शनिवार की सुबह 6 बजे अक्षय को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर वारदात में शामिल दो नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ लिया गया। गैंग लीडर मोहित जोशी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।
(फोटो-पुलिस द्वारा गिरफ्तार अपहरण करने व फिरौती मांगने का आरोपी।)