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सीता स्वयंवर देखने को उमड़े श्रद्धालु, रामलीला व नवरात्र की धूम

7 वर्ष पहले
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गांव वजीराबाद में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
गुड़गांव. शहर में इन दिनों नवरात्र के साथ रामलीला मंचन की धूम मची है। शुक्रवार को दिनभर मंदिरों में दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। दिनभर माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। खासकर शीतला माता मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाए। वहीं शहर में रामलीला मंचन में कहीं राम जन्म, कहीं विश्वामित्र यज्ञ रक्षा तो कहीं सीता की विदाई का मंचन किया गया।

नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालु इस दिन अपने मन को मां के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है, तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएं हाथ में कमंडल रहता है। शुक्रवार को भी मंदिरों में उपवास करने वाले लोगों की भीड़ लगी रही। शीतला माता मंदिर में नवरात्र के दूसरे दिन भी लंबी लाइन में लगकर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। यहीं नहीं, बल्कि शहर के सभी मंदिरों को नवरात्र के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। सिद्धेश्वर मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्लामपुर के प्रकाशपुरी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में माता के दर्शन किए।

आज होगी चन्द्रघंटा की पूजा
नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को मां दुर्गा की तीसरी शक्ति मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है। इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन किया जाता है।

रामलीलाओं में राम जन्म, सीता विदाई और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन: बुधवार से शहर में शुरू हुई रामलीलाओं के दौरान अब तक राम जन्म, विश्वामित्र यज्ञ रक्षा, ताड़का वध, सुभाऊ व मारीच वध आदि का मंचन किया जा चुका है। शुक्रवार को शिव मंदिर रामलीला कमेटी वजीराबाद में सीता विवाह व परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन किया गया। राम द्वारा सीता स्वयंवर के दौरान धनुष तोड़े जाने का भगवान शिव भक्त परशुराम विरोध करते हैं। वहीं जैकबपुरा रामलीला में शुक्रवार को सीता विदाई का मंचन हुआ।
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