गुड़गांव। हर बार की तरह इस बार भी नगर निगम ने हाई कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ की। नगर निगम के तोड़-फोड़ दस्ते ने रविवार को 5 जेसीबी और भारी पुलिस बल के साथ ओल्ड रेलवे रोड पर
मारुति प्लांट के गेट नंबर-2 के सामने सतगुरु फार्म में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया।
इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है। नगर निगम इस कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करेगा। पिछली सुनवाइयों से पहले भी ऐसा ही किया जाता रहा है।
पूरी तैयारी के साथ बोला धावा
आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित दायरे में आने वाले सतगुरु फार्म और नोवल फार्म में बड़े पैमाने पर प्लॉट काटे गए हैं। इन प्लॉटों पर लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा था। इस क्षेत्र में पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, फिर भी कई निर्माण पूरे हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से दोबारा निर्माण कार्य जोर पकड़ रहा था।
सोमवार को कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले रविवार को दस्ते ने पूरी तैयारी के साथ धावा बोला। दस्ते में नगर निगम के लगभग 200 कर्मियों के साथ 800 पुलिस जवान शामिल हुए। इस कार्रवाई के लिए फरीदाबाद, रेवाड़ी और झज्जर से भी पुलिस बुलाई गई थी।
निगम के तीनों ज्वाइंट कमिश्नर, सभी एक्सईएन, एसडीओ और जेई पांच जेसीबी लेकर सुबह 6 बजे से ही मौके पर पहुंच गए थे और पुलिस बल के आने का इंतजार कर रहे थे। सुबह लगभग 7 बजे भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और कुछ ही देर में तोड़-फोड़ की कार्रवाई शुरू हो गई।
लगभग तीन घंटे की इस कार्रवाई में दस्ते ने 6 निर्माणाधीन मकान, डीपीसी तक के 10 निर्माण और लगभग 20 चारदीवारी ध्वस्त कर दी। प्रभावित लोगों ने विरोध करने की कोशिश की मगर, भारी पुलिस जवानों को देखते हुए शांत हो गए।
मौके पर पहुंचे निगम पार्षद गजे सिंह कबलाना की भी नहीं चली। एक मकान में भारी संख्या में लेबर बैठ गए, जिसे छोड़ दिया गया। पुलिस टीम का नेतृत्व डीसीपी संगीता कालिया कर रही थीं। निगम की तरफ से जाइंट कमिश्नर विवेक कालिया, वाईएस गुप्ता और प्रदीप कुमार मौजूद थे।
भाजपा सरकार में तीसरी बड़ी कार्रवाई
भाजपा सरकार के कार्यकाल में 900 मीटर प्रतिबंधित दायरे में तोड़-फोड़ की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। पहली दो कार्रवाइयों के विरोध में लगातार प्रदर्शन चल रहा है। पीड़ित लोगों ने दो बार बड़ा जुलूस निकाल कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। दोनों मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
(फोटो- आयुध डिपों के प्रतिबंधित 900 मीटर दायरे में किए गए निर्माण को गिराती नगर निगम की जेसीबी।)