गुड़गांव। जिला उपायुक्त ने सरपंचों से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपना योगदान देने की भी अपील की। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह व सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई भी मौजूद थीं। बैठक में उन्होंने कहा कि सरपंच अपने गांवों में महिला पंचों, एएनएम व आशा वर्करों के माध्यम से बेटी बचाओ कार्यक्रम का व्यापक प्रचार करवाएं। महिला पंच व आशा वर्कर गांव में गर्भवती महिलाओं का पता लगाकर उनका रजिस्ट्रेशन करें ताकि कन्या भ्रूण हत्या को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि सरपंच हर माह एएनएम, आशा वर्करों, आंगनवाड़ी वर्करों व महिला पंचों की बैठक लें व उन्हें गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन करने संबंधी मार्ग दर्शन करे। उन्होंने कहा कि सरपंच व महिला पंच ग्रामीणों को बताएं कि यदि गांव में तीन महीने तक गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाता है और यदि बाद में इसकी जानकारी मिलती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई ने बताया कि गुड़गांव में गर्भवती महिला के शुरूआती तीन महीने के दौरान करवाया जाने वाला रजिस्ट्रेशन न के बराबर है।
घर पर होने वाली डिलीवरी खतरनाक
डॉ. पुष्पा बिश्नोई ने कहा कि लोग गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी घर पर न करवाएं, इससे माता व शिशु दोनों की जान को खतरा है। उन्होंने लोगो से अपील करते हुए कहा कि वे गर्भवती महिला की डिलीवरी को लेकर किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं व स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 102 पर इसकी सूचना दें ताकि एम्बुलेंस गर्भवती महिला को घर से अस्पताल ले जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा नि:शुल्क दी जाती है।
तीन दिवसीय पोलियो अभियान 22 से
बैठक में उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने बताया कि 22 से 24 फरवरी तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सरपंच अपने गांव में बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित करें कि वे बूथों पर जाकर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाएं। उन्होंने कहा कि सरपंच सुनिश्चित करें कि गांव में कोई भी बच्चा पोलियोरोधी दवा पीने से न रहे। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों में 6 से 19 साल तक के बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा दी जा रही है। जिसके कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई, उप सिविल सर्जन डॉ. सरयू, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रामफल सहित विभिन्न गांव के सरपंच मौजूद थे।