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हड़ताल से नाराज लोगों ने लगाया जाम, बिजली-पानी के लिए परेशान रहे लोग

8 वर्ष पहले
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फर्रुखनगर। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते चार दिनों से पानी न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह 6 बजे से दोपहर एक बजे तक फर्रुखनगर-सुल्तानपुर-गुडग़ांव मार्ग को जाम रखा। इससे रोड के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। चार गांवों के नाराज ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से लेकर हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। जाम की सूचना पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पुलिस की बात मानने को राजी नहीं थे। बिजली विभाग के एक्सईएन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने 6 घंटे बाद जाम खोला।

बिजली पानी की समस्या को लेकर इस क्षेत्र में ग्रामीणों ने लगातार तीसरे दिन सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मंगलवार को हेलीमंडी और जाटौली के लोगों ने रोड जाम किया था। बुधवार की देर शाम फर्रुखनगर-गुडग़ांव मार्क पर साढऱाणा मोड़ पर कई घंटे तक जाम लगाया था। बिजली-पानी की किल्लत झेल रहे ग्रामीणों ने गुरुवार को फर्रुखनगर-सुल्तानपुर-गुडग़ांव मार्ग को जाम कर दिया।

बिजली पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने कर्मचारियों व सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। कालियावास, बुढ़ेडा, साढऱाणा, चंदू, मुशैदपुर, फाजिलपुर, गढी आदि गांवों के लोगों ने फर्रुखनगर वायां सुल्तानपुर-गुडग़ांव, गुडग़ांव-बादली, फर्रुखनगर-जमालपुर, फर्रुखनगर-पटौदी आदि मार्गों पर जाम लगा कर चक्का जाम कर दिया। पुलिस के बार-बार आग्रह करने पर भी ग्रामीण बिजली-पानी व्यवस्था बहाल करने की अपनी मांग पर अडिग रहे। किसी प्रकार की तोड़ फोड़ की घटना न हो, इसके लिए थाना फर्रुखनगर, राजेंद्रा पार्क, सेक्टर-10ए आदि थानों की पुलिस टीम पूरी मुस्तैदी के साथ प्रदर्शनकारियों का घेराव करके खड़ी रहीं। बिजली विभाग के एक्सईएन के आश्वासन पर दोपहर 1 बजे के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।

ग्रामीणों ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पिछले पांच दिनों से उनके घरों में बिजली का बल्ब तक नहीं जला है। बिजली नहीं आने के कारण पेयजल संकट बन गया है। इंसान तो दूर पशुओं के लिए भी पानी घर में नहीं बचा है। दैनिक कार्य भी इससे प्रभावित हो गए हैं। बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें जाम लगाने का कदम उठाना पड़ा है।