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डाउनलोड करेंगुड़गांव. पक्षियों के संरक्षण के लिए सुल्तानपुर नेशनल पार्क (राष्ट्रीय पक्षी उद्यान) को साढ़े चार माह के लिए बंद करने का फैसला रंग ला रहा है। पिछले पांच साल के आंकड़े साफ करते हैं कि विजिटर्स (पर्यटकों) की संख्या घटी तो पक्षियों की संख्या बढ़ी है।
आंकड़ों के मुताबिक पांच साल पहले नेशनल पार्क में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या 50 हजार से अधिक होती थी तो उस समय यहां केवल 52 प्रजाति के विदेशी परिंदे ही आते थे, लेकिन उसके बाद हर सीजन में साढ़े चार माह के लिए झील के बंद होने के कारण पर्यटकों की संख्या घटी तो यहां आने वाले विदेशी प्रजातियों की पक्षियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
आंकड़ों के मुताबिक पांच साल पहले जहां 52 प्रजातियों के विदेशी परिंदे आते थे, लेकिन अब 78 प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को यह झील भा रही है। यानी वर्ष 2008 के मुकाबले वर्ष 2012 में विदेशी पक्षियों की 26 नई प्रजातियों ने यहां आना शुरू किया।
आंकड़ों का अध्ययन करने से पता चलता है कि जब वर्ष 2008-2009 में सुलतानपुर झील में पर्यटकों की गहमा-गहमी अधिक थी तो विदेशी परिंदे यहां आने से झिझके और केवल 52 प्रजाति के पक्षी यहां भ्रमण करने अपने-अपने देशों से यहां आए। उस वर्ष 50 हजार 582 पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही वर्ष 2009-2010 में पर्यटकों की संख्या में लगभग 18 हजार की कमी आई तो सुल्तानपुर झील में पहुंचने वाले विदेशी परिंदों की प्रजातियों की संख्या 59 हो गई।
उस वर्ष केवल 31 हजार 946 पर्यटक ही पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2010-2011 में पर्यटकों की संख्या एक बार फिर तेजी से बढ़कर 41459 हो गई तो यहां पहुंचने वाले विदेशी परिंदों की एक प्रजाति कम हो गई। यानी 58 प्रजातियों के पक्षी ही यहां आए।
वर्ष 2011-2012 में पर्यटकों की संख्या कुछ कम हुई तो विदेशी पक्षियों की प्रजातियां यहां बढ़कर 69 हो गई। वर्ष 2012-13 में पर्यटकों की संख्या फिर कम रही तो गत वर्ष के मुकाबले 11 नई प्रजातियों के विदेशी मेहमान और आए।
पर्यटकों के लिए झील के द्वार बंद
वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ सालों से झील में पहुंचने वाले पर्यटकों व पक्षियों के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद ही सुल्तानपुर झील को पक्षियों के संरक्षण हित में पिछले तीन साल से साढ़े चार माह के लिए बंद किए जाने लगा। वर्ष 2010 में यह कदम उठाया गया। अधिकारियों के मुताबिक यही समय देशी प्रजातियों के पक्षियों के प्रजनन का भी होता है।
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