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मौसम में बदलाव: अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर महज 2 डिग्री

7 वर्ष पहले
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गुड़गांव। शनिवार से मौसम में आए बदलाव से जहां ठिठुरन बढ़ गई है वहीं बूंदाबादी से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों को इस समय रबी की फसल की सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता थी। किसान बारिश की आस लगाए हुए हैं। बिजली पर्याप्त न मिलने के कारण सिंचाई का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस बूंदाबांदी से किसानों को थोड़ी राहत मिली है वहीं ठंड भी फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
शनिवार को मौसम में बदलाव के साथ ही ठंड बढ़ने लगी थी। रविवार को भी सुबह से ही तेज हवा चल रही थी। सुबह से ही फुहारें पड़नी शुरू हो गई थी। दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी के कारण दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। लोग ठंड से बचाव के लिए ज्यादातर घरों में ही रहे। सड़कों पर चहल-पहल अपेक्षाकृत कम रही। इस दिन अधिकतम तापमान जहां 15.1 रहा वहीं न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी के कारण लोग ठंड से बचाव के लिए ज्यादातर घरों में ही रहे। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी हल्की बारिश होने के आसार हैं और सुबह के समय हल्की धुंध हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार शिमला सहित पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के आसार हैं। दो-तीन दिन पहले लोग महसूस कर रहे थे कि इस वर्ष सर्दी अपेक्षा कम रहेगी।
गर्म कपड़ों की जरूरत नहीं होगी। यहां तक कि लोगों ने इस साल की सर्दी के गर्म कपड़ों की खरीददारी नहीं की थी। लेकिन एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी व तेज हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को शहर के मुख्य सदर बाजार में प्रात: से ही गर्म कपड़े खरीदने वालों का तांता लगना शुरू हो गया था जो कि पूरे दिन चला। हल्की बूंदाबांदी भी होती रही लेकिन खरीदारों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। लोगों ने जैकेट, स्वेटर, जर्सी, ब्लेजर की खरीददारी की।
हल्की बरसात से किसानों के चेहरे खिले
शनिवार को हुई हल्की बरसात के बाद बढ़ी ठंड ने लोगों को जहां घरों में दुबकने पर मजबूर किया। वहीं किसानों ने इसे फसलों के लिए अच्छा संकेत माना है। रविवार की सुबह हुई हल्की बरसात ने मौसम में बदलाव कर दिया। रविवार के दिन बादल छाए रहे व सूर्यदेव पूरी तरह इसमें छिपे रहे। हल्की बरसात के बाद मौसम के तापमान में गिरावट के कारण सर्दी बढ़ गई। किसानों का कहना है कि दो दिन पहले तक दिन में अधिक गर्मी थी व रात के समय सर्दी थी। जिस कारण फसलों में बीमारी लगने का अंदेशा बना हुआ था।
लेकिन इस हल्की बरसात से अब बरसात होने की संभावना बनी है वहीं मौसम में गिरावट गेंहूू की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। अचानक बढ़ी सर्दी से दुकानदारों के भी चेहरे खिले हुए हैं। दुकानदारों का कहना है कि सर्दी के बढ़ जाने से ही गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। अचानक बढ़ी सर्दी से बच्चों व बुजर्गों को संभल कर रहना चाहिए। सामान्य अस्पताल के एसएमओ का कहना है कि इस मौसम में सांस व दिल के मरीजों को काफी सावधानी रखनी चाहिए।
(ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ाें में लिपटी युवतियां देवीलाल स्टेडियम में आयोजित बास्केट बॉल प्रतियोगिता के मैच का आनंद लेते हुए। फोटो पवन कुमार )