गुड़गांव। स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुड़गांव पुलिस ने पहली बार गाइडलाइंस जारी की है। इसमें 600 से अधिक सुझावों और विशेषज्ञों की राय को समायोजित किया गया है। पुलिस ने कुल 10 मुद्दों को लेकर 40 पेज की गाइड्स लाइन जारी की है। आम लोगों के लिए इसे पुलिस बेवसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। इससे पहले जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा स्कूल प्रबंधन को समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते थे, जिसे स्कूल प्रबंधन द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। पिछले दिनों देश भर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए उठी मांग को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसके लिए व्यापक गाइडलाइन्स तैयार करने का फैसला लिया था। इसके लिए आम लोगों से सुझाव मांगे गए थे।
गाइडलाइंस की विशेषता
पुलिस द्वारा जारी गाइडलाइंस में स्कूलों के परिसर को पूरी तरह सुरक्षा उपकरणों से लैस करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही स्कूल का पूरा डाटा तैयार करने की व्यवस्था की गई है। इसमें स्कूल के पूरे स्टॉफ की व्यक्तिगत जांच अनिवार्य किया गया है। स्कूलों में शिकायत पेटी भी रखने के लिए कहा गया है। इसमें स्कूल प्रबंधन की जिम्मेवारी तय की गई है।
तैयार किया गया मसौदा
पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल ने गाइड लाइंस तैयार करने के लिए निर्देश दिया था। इसके साथ ही उन्होंने पहले ही अधिकारियों, प्रिंसिपल, पैरेंट्स आदि के साथ मिलकर बच्चों के परिजनों, गैर सरकारी संगठनों, पुलिस व सिविल प्रशासन के अधिकारियों के सुझावों से एक मसौदा तैयार किया था। इसी मसौदे में ही 15 सितंबर तक मिले सुझाव को शामिल कर फाइनल गाइड लाइन तैयार कर दी गई है।
गंभीरता से पालन करने का निर्देश
गुड़गांव पुलिस की वेबसाइट पर रखे गए स्कूलों के गाइडलाइंस के माड्यूल को गंभीरता से पालन करने का निर्देश सभी शैक्षणिक संस्थाओं को दिया गया है। गाइडलाइंस में कुल 7 प्वाइंट्स दिए गए हैं। इन प्वाइंट्स में कई सब-प्वाइंट्स बनाए गए हैं।
गाइडलाइंस के सात प्वाइंट्स
1:- शैक्षणिक परिसर की सुरक्षा : इसमें स्कूलों के परिसर को पूरी तरह सुरक्षा उपकरणों से लैस करने का निर्देश दिया गया है। लाइब्रेरी, क्लास रूम, कैंटीन, प्ले ग्राउंड आदि में उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरा लगाने होंगे। वॉशरूम के बाहर भी इनको लगाया जाएगा आदि।
2:- स्कूल स्टाफ: स्कूल के हर स्टाफ का पूरा डाटा स्कूल के पास होना चाहिए। उनकी वेरिफिकेशन होनी चाहिए। स्कूल स्टाफ द्वारा किसी भी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं होने का एफिडेविट लेना होगा। इसके लिए दो सिफारिशें भी देनी होंगी।
3:- स्टूडेंट्स के आने जाने का रिकार्ड: स्टूडेंट्स के स्कूल में आने व जाने का हर दिन का रिकार्ड रखना होगा। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के स्कूल में आकर स्टूडेंट्स मिलने पर उसकी छानबीन करना आदि।
4:- एजुकेशन व अवेयरनेस: स्कूलों में स्टूडेंट्स के साथ बर्ताव पर विशेष ध्यान। काउंसलर, सेफ्टी कमेटी आदि बनाना। टीचरों की जिम्मेवारी तय करना। गुड टच बैड टच पर अवेयर करना आदि।
5:- फीडबैक : स्कूलों द्वारा समय-समय पर फीडबैक लेते रहना होगा। फीडबैक के आधार पर कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए स्कूलों में सुझाव/शिकायत पेटी, स्कूल सुरक्षा कमेटी, हेल्प लाइन आदि की स्थापना करना अनिवार्य बनाया गया है।
6:- वारदात होने पर कार्रवाई: किसी भी घटना के संज्ञान में आने पर नजदीक पुलिस स्टेशन को सूचित करना। इसके अलावा स्कूल के सुरक्षा कमेटी व काउंसलरों द्वारा मामले की जिम्मेवारी तय कर दो दिनों के अंदर मामले का निपटारा करना आदि।
7:- स्टूडेंट्स की आवश्यकता: स्कूलों द्वारा स्टूडेंट्स के लिए हर संभव जरूरी आवश्यकता की पूर्ति के लिए गंभीरता पूर्वक कार्रवाई करनी होगी आदि।
फोटो- पुलिस की वेबसाइड पर शुरू की गई सेफ्टी गाइड लाइंस फॉर स्कूल।